भाई रणधीर सिंह नगर के आई ब्लाक में 29 जुलाई को संदीप सिंह मांगट और उसके परिवार की मौत के मामले में पुलिस की पहली थ्योरी ही सही साबित हो गई। दूसरे पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के अनुसार संदीप सिंह ने ही अपनी मां, पत्नी और बेटी की गोली मार कर हत्या करने के बाद खुद को गोली से उड़ा लिया था। इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम देने के लिए संदीप ने दो अलग अलग हथियारों का इस्तेमाल किया था।
पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने सोमवार को बताया कि रविवार को पुलिस द्वारा बाबा फरीद मेडिकल कॉलेज में दोबारा करवाए गए पोस्टमार्टम के बाद आई रिपोर्ट से सारा मामला साफ हो गया है। पुलिस अब सेहत विभाग को सिविल अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा इस मामले में दी गई रिपोर्ट के खिलाफ शिकायत देगी।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि संदीप सिंह ने 29 जुलाई की सुबह अपनी पत्नी अमनदीप कौर की गोली मार कर हत्या की। इसके बाद वह अपनी बेटी दिनाज कौर के पीछे भागा तो उसकी नौकरानी ने उसे देख लिया। संदीप ने नौकरानी पिंकी से कहा कि वह यहां से चली जाए नहीं तो उसे भी गोली मार दी जाएगी।
उसके बाद पिंकी ऊपर भाग गई तो संदीप ने अपनी बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद नीचे कमरे में हुकमनामा लिख रही मां बचन कौर को भी मार डाला। तीन हत्याओं के बाद उसने खुद को गोली से उड़ा लिया। वारदात का पता उस समय चला जब दस बजे घर में काम करने वाली दूसरी नौकरानी सुनीता आई।
पुलिस ने दोनों नौकरानियों के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवा दिए। 31 जुलाई को पुलिस ने सिविल अस्पताल में चारों शवों का पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने कह दिया कि चारों शवों पर तेजधार हथियार से हमला किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चश्मदीद नौकरानी पिंकी के बयान मेल नहीं खा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने चारों शवों का बाबा फरीद मेडिकल कॉलेज में दोबारा से पोस्टमार्टम कराया। वहां की रिपोर्ट में सभी शवों पर किसी भी तेजधार हथियार से निशान नहीं पाए गए। सभी जख्म गोलियों के थे।
गोलियां लगने से हुए ब्लास्ट के कारण दीनाज की लाश के पास उसकी खोपड़ी के कुछ टुकडे़ मिले थे, जिस पर उसके सिर के बाल लगे हुए थे। यह भी डॉक्टरों को दिखाए गए। जांच के बाद उन्होंने बताया कि सिर पर जख्म गोलियां लगने से आए हैं। दीनाज के सिर पर जख्म भी गोली लगने के कारण हुए थे। इस संबंधी उन्होंने एक्सरे में आए छर्रे देखकर इस बात की ताकीद की कि दीनाज की मौत गोली लगने से हुई है।
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि एफएसएल टीम चंडीगढ़ के माहिरों ने मौके पर कुछ कैमिकल टेस्ट करके खुलासा किया था कि मृतक संदीप के बाएं हाथ पर गन पाउडर का निशान था, जिससे साबित होता है कि उसने खुद ही गोली चलाई है। दीनाज की लाश के पास जो खून पर कुछ पांवों के निशान मिले थे, वह भी संदीप के पांवों से मिलते है।
एफएसएल के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के लिए 32 बोर की रिवाल्वर और 30.6 स्प्रिंग राइफल का इस्तेमाल किया गया है। परिवार वालों की मौजूदगी में घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने डबल बैरल गन और सिंगल बैरल गन बरामद की है। चारों हथियारों में से दो संदीप के नाम पर, एक उसकी मां बचन कौर और एक पत्नी अमनदीप कौर के नाम पर थे।
पुलिस सुरक्षा के बीच चारों का अंतिम संस्कार
पुलिस सुरक्षा के बीच सोमवार सुबह गांव सुनेत के श्मशानघाट में चारों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। कनाडा से आए संदीप के ससुर का रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना था कि कभी उन्होंने ऐसा सोचा नहीं था कि उनकी बेटी का परिवार इस तरह खत्म हो जाएगा।