शराब पीते हुए दोनों के बीच हुई कहासुनी
एडीसीपी-2 करणवीर सिंह ने बताया कि मनोज और नीरज आपस में दोस्त थे। दोनों शराब के आदी थे। मनोज उकसर नीरज के घर आता-जाता था। वहीं दोनों शराब भी पीते थे। हत्या वाले दिन भी नीरज और मनोज शराब पी रहे थे। इस दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई और बात मारपीट तक पहुंच गई। नीरज के चिल्लाने की आवाज सुन उसके परिवार के सभी लोग वहां पहुंच गए। आरोपियों ने मनोज के साथ काफी मारपीट की और उसे बेसुध कर दिया। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। मनोज की मौत के बाद आरोपियों ने शव को रात भर कमरे में ही रखा।
हत्या के अगले दिन खरीदा नीला ड्रम
अगले दिन सुबह शव खुर्द-बुर्द कर शव को कपड़े में लपेट कर रस्सी से बांध दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपियों ने एक नीला ड्रम खरीदा। इसके बाद शव को ड्रम में डाल कर ई-रिक्शा से खाली प्लाट में फेंक दिया। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।
सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
एडीसीपी करणवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कई थ्योरियों पर काम किया। जांच के दौरान सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों को चेक किया गया। कैमरों की मदद से आरोपियों का पता लगा और पुलिस ने सभी को काबू कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है।