कोरोना काल में रियायत का फायदा उठा ली थी जमानत
24 अगस्त 2019 से जेल में बंद आरोपी गगनदीप सिंह के वकील ने हाईकोर्ट में तीन सितंबर 2021 को जमानत अर्जी लगाई थी। जिसमें उन्होंने सबसे पहले तर्क रखा गया था कि इस समय देश में कोविड का माहौल चल रहा है जो उसका मुवकिल है वह पिछले दो साल से जेल में बंद है। कोविड और उसके अच्छे व्यवहार को देखते हुए उसे जमानत दी जाए। उनके वकील ने इसमें दो अन्य केसों का जिक्र भी किया था जिसमें एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार आरोपियों को जमानत मिली थी।
आरोपी चीता पर तस्करी तो बाक्सर पर है आरडीएक्स लाने का आरोप
आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ बाक्सर (39) गांव राणा खुर्द का रहने वाला है। खन्ना पुलिस ने तीन साल पहले उसे आरडीएक्स के एक मामले में गिरफ्तार किया था। वह तब से ही जेल में बंद था। जबकि रंजीत सिंह उर्फ चीता अमृतसर के गांव करिंडा का रहने वाला है। वह नशा तस्करी के आरोप में पिछले काफी समय से जेल में बंद था। उसी के पाकिस्तान में बैठे तस्कर रिंदा के साथ संपर्क हैं और वह अक्सर रिंदा से बात करता था। सूत्र यह बताते है कि रिंदा आरोपी रंजीत को बताता था कि तस्करी के लिए नशा कहां से लेना है और आगे सप्लाई कहां देनी है।
बैरक में बंद अन्य आरोपियों से भी हो रही है पूछताछ
बताया जा रहा है कि आरोपी गगनदीप सिंह आरोपी चीता और बाक्सर के साथ दो साल से बीकेयू 4 में बंद था। जब पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों को इनपुट्स मिले तो जेल में जांच टीमें पहुंच गई। जिसके बाद वहां दोनों आरोपियों से तो पूछताछ हुई ही साथ ही बैरक में बंद अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि दो साल में आरोपी गगनदीप को जेल में कितनी बार किसने संपर्क किया इसकी भी जांच की जा रही है।