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कांग्रेसी और अकाली चला रहे पंजाब में नकली शराब का कारोबार: बैंस

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नकली शराब पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर प्रेस कांफ्रेंस कर बड़ा हमला किया है। शनिवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बैंस ने कहा कि सत्ता में आने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्री गुटका साहिब को हाथ में लेकर एक हफ्ते में चिट्टा खत्म करने की सौगंध खाई थी। आज हालात यह हैं कि पंजाब में लोग नकली शराब पी रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी गुफा में बैठकर सरकार को चला रहे है। यही हाल रहे तो पंजाब के लोगों की जान इसी तरह जाती रहेंगी, लेकिन उनकी पार्टी ऐसा नहीं होने देगी। पंजाब सरकार तुरंत मृतक के परिवारों को एक करोड़ रुपये राहत राशि जारी करे। नकली शराब के कारोबार में जुटे कांग्रेसियों और अकालियों पर नकेल कसे। अन्यथा वह पीड़ित परिवारों के साथ सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
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विधायक बैंस ने कहा कि नकली शराब के मामले में सीएम की चुपी समझ से परे है। उनकी सरकार के मंत्री और विधायकों ने तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी के खिलाफ शराब तस्करी का मोर्चा खोला था। इसमें उनके बेटे का नाम सीधे तौर पर सामने आया था। 1800 करोड़ रुपये शराब तस्करी के मामले में सीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब सेवानिवृत्त के बाद उन्हें फिर से बड़े पद से नवाजा गया है। हालांकि उन्हें इस पूरे प्रकरण पर श्वेत पत्र लाने के लिए कहा था। विधायक बैंस ने साफ कहा कि पंजाब में चल रही नकली शराब फैक्ट्रियों के पीछे सत्ताधारी कांग्रेस और अकाली दोनों शामिल हैं। खन्ना में पकड़ी नकली शराब फैक्ट्री में कांग्रेसी काला कदोवाला के नाम सामने आया था, जोकि कांग्रेस पार्टी का सबसे नजदीकी है। शंभू में पकड़ी गई शराब फैक्टरी में भी कांग्रेसी सरपंच अमरीक सिंह और अकाली नेता दर्शन सिंह का नाम सामने आया। लुधियाना के मुल्लांपुर में भी नकली शराब फैक्टरी मामले में भी एक बड़े शराब कारोबारी का नाम सामने आया। इन तीनों मामलों में अभी तक नतीजा जीरो है। लॉकडाउन के दौरान असली शराब फैक्ट्रियां बंद रही, लेकिन नकली शराब फैक्ट्रियों में धड़ल्ले से तैयार की गई। महज 30 से 80 रुपये में तैयार बोतल को 800 से दो हजार रुपये में बेचा गया। इससे साफ है कि इस मामले में सत्ताधारी पार्टी के नेता सीधे पर शामिल रहे।
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