मोगा-बरनाला रोड पर गांव डाला में 06 नवंबर को हुए हादसे में ट्रेनी आईएएस अजीत सिंह के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस दर्ज किया है।
अजीतवाल पुलिस ने गाड़ी चालक राज कुमार के बयान पर यह मामला दर्ज किया है। इस दुर्घटना में एक ट्रेनी आईएएस अधिकारी की मौत हो गई थी। हादसा ग्रस्त गाड़ी पत्रकार की थी और आयकर विभाग के पास ठेके पर थी।
थाना अजीतवाल के एसएचओ गुरप्यार सिंह ने बताया है कि गाड़ी के चालक राजकुमार ने कहा है कि वह छह नवंबर को ट्रेनी चार आईएएस अधिकारियों अजीत सिंह, निशांत सिंह बेगूसराय (बिहार), शशी रंजन रांची (झारखंड) और हर्ष दीक्षांत कानपुर (यूपी) को देर रात इनोवा गाड़ी में जालंधर से मोगा के गांव तख्तूपुरा में छोड़ने आ रहा था।
चालक ने आरोप लगाया है कि रास्ते में ट्रेनी आईएएस अधिकारी अजीत सिंह गाड़ी चलाने लग पड़ा। इसी बीच गांव डाला के निकट गाड़ी बेकाबू होकर पेड़ से जा टकराई और पलट गई।
इससे निशांत की अस्पताल पहुंचकर मौत हो गई। हादसे में राजकुमार, अजीत, शशी रंजन और हर्ष घायल हो गए थे।
पुलिस ने इस हादसे में घायल शशी के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गाड़ी आयकर विभाग की होने के कारण मामला तूल पकड़ता जा रहा था और आयकर विभाग के अधिकारी उलझन में थे।
जिक्रयोग है कि इस घटना के तुरंत बाद लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकैडमी आफ एडमिनिस्ट्रेशन, मंसूरी के अधिकारी मोगा पहुंचे और अंडर ट्रेनी आईएएस अधिकारियों को तय समय से पहले वापस बुला लिया था।
मोगा में इस एकैडमी के 25 अंडर ट्रेनी अधिकारियों की टीम दो नवंबर से एक सप्ताह की ग्रामीण क्षेत्र में लोगों की समस्याओं का प्रशिक्षण लेने आई थी।