लुधियाना। नामांकन के दूसरे दिन ही पंजाब के कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु ने भी अपना नामांकन दाखिल कर दिया। उनके पास कागज दाखिल करते समय उनकी पत्नी पार्षद ममता आशु, भाई नरिंदर शर्मा काला, मेयर बलकार सिंह संधू के साथ साथ पार्षद सन्नी भल्ला शामिल थे।
कोविड नियमों को ध्यान में रखते हुए नामांकन सादे तरीके से दाखिल किया गया। कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की तरफ से दिए गए एफिडेविट के अनुसार, उनकी जायदाद में पांच साल के अंदर करीब दो करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इन 5 वर्षों में उनकी चल जायदाद ही पौने 2 करोड़ बढ़ी है। हैरानी की बात यह है कि इन 5 वर्षों में उनकी अचल जायदाद नहीं बढ़ी है, क्योंकि उनकी तरफ से 2017 की जायदाद दिखाई गई है।
49 साल के भारत भूषण आशु गेजुएट हैं और 2017 में चुनाव जीतने के बाद वह कैबिनेट मंत्री बने थे।
भारत भूषण आशु के पास 2 करोड़ 33 लाख 24 हजार 91 रुपए की चल जायदाद हैं। इसमें 50 हजार कैश, 8855861 रुपये बैंक में, 3 लाख 99 हजार रुपये का 85 ग्राम सोना, 13 लाख 50 हजार की गाड़ी शामिल है। उनकी पत्नी के पास 36 लाख 25 हजार 844 की चल संपत्ति है। उनके पास 50 हजार कैश, 6 लाख 36 हजार 958 रुपये अकाउंट में, 17 लाख 60 हजार 625 रुपए का 375 ग्राम सोना है। बेटे के पास 8 लाख 5 हजार 204 रुपए की चल जायदाद और बेटी के पास 6 लाख 60 हजार 206 रुपये की जायदाद है।
इसके अलावा उनके पास कुल 6 करोड़ 54 लाख 2000 रुपये, कैबिनेट के पास कुतबेवाल व लादियां में 47 लाख 16 हजार रुपये की कृषि भूमि और 6 करोड़ 54 लाख 2000 रुपये की बाकी जायदाद है। उनकी पत्नी ममता आशु के पास 15 लाख, बेटे के पास 57 लाख, बेटी के पास 50 लाख रुपये की अचल जायदाद है। भारत भूषण आशु के सिर पर 35 लाख 78 हजार 430 रुपये का कर्ज भी है। 2017 में जब वह चुनाव लड़े, वह 6 करोड़ 89 लाख 2000 रुपये की अचल जायदाद के मालिक थे। इसके अलावा उनके पास 42 लाख 18 हजार 76 रपये की चल जायदाद थी। 50 हजार कैश, 14 लाख 57 हजार 26 रुपये बैंक में और 2 लाख 24 हजार 824 रुपये का सोना था।