भाखड़ा नहर के किनारे कार का संतुलन बिगड़ गया और बेकाबू कार नहर में गिर गई। सुखविंदर सिंह ने बताया कि कार का ड्राइवर साइड का शीशा खुला था। इससे वह कार नहर में गिरते ही बाहर निकल गया और साथ वाली सीट पर बैठी उसकी बुआ गीता देवी भी गिर गई। उसने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया।
बुआ गीता देवी ने पहले अपने भाई हरबंस सिंह को बाहर निकालने की जिद की। वह दोनो को बाहर नहीं निकाल पाया। सुखविंदर सिंह ने बताया कि कार पानी के तेज बहाव में बह रही थी तो वह तैरकर नहर से बाहर निकल आया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की सहायता से दोनोें की की तलाश शुरू कर दी। देर शाम दोनों के शव और कार को भी नहर में से बाहर निकाल लिया गया। हरबंस सिंह थर्मल प्लांट में काम करते थे।
नहर किनारे रेलिंग न होने से पहले भी हुए हादसे
नहर के किनारे रैलिंग न होने के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके है। कई वाहन नहर में गिर चुके है। गांववासियों ने कहा कि वह सरकार और जिला प्रशासन से कई बार नहर के किनारे रेलिंग लगाने की मांग कर चुके हैं। उनकी मांग पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नहर सड़क के बिलकुल बराबर है। इससे वाहन नहर में गिर रहे हैं।