बांग्लादेश में तख्तापलट के बीच उपजे संकट के कारण वहां पर आम जनजीवन से लेकर उद्योग व्यापार तक सब कुछ डिस्टर्ब है। इसका सीधा असर भारत एवं बांग्लादेश के बीच होने वाले कारोबार पर भी होना तय है।
दूसरी तरफ रेडिमेड गारमेंट इंडस्ट्री को उम्मीद है कि अब विदेशी बायर्स बांग्लादेश के बजाय भारत का रुख करेंगे। इसके अलावा बांग्लादेश में 25 फीसदी टेक्सटाइल उद्यमी भारतीय हैं, मौजूदा हालात में वे भी वहां से अपना कामकाज बंद करके भारत में अपनी इकाइयां स्थापित कर सकते हैं। साफ है कि इन परिस्थितियों में यहां के टेक्सटाइल उद्योग को पंख लग सकते हैं।
आंकड़ों के अनुसार अमेरिका के बाद बांग्लादेश से भारत का कारोबार सरप्लस में है। भारत एवं बांग्लादेश के बीच कुल 14 बिलियन डाॅलर का कारोबार होता है। इसमें से भारत बांग्लादेश को 12 बिलियन डॉलर का माल निर्यात करता है, जबकि वहां से सिर्फ दो बिलियन डाॅलर का ही आयात होता है, लेकिन अब वहां पर हालात खराब होने से दोनों देशों के बीच आपसी कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।
नार्दर्न इंडिया टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के प्रधान संजय गर्ग का कहना है कि बांग्लादेश संकट के कारण कॉटन यार्न का निर्यात प्रभावित हो रहा है। नए ऑर्डर नहीं आ रहे और पुराने ऑर्डर के माल की डिलीवरी नहीं हो रही। ऐसे में उद्यमी हालात सही होने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें लंबा वक्त भी लग सकता है।