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तोड़ फोड़ के विरोध में बालटाल में सभी लंगर बंद

Fri, 10 Jul 2015 10:06 PM IST
विकास मल्होत्रा/अमर उजाला, लुधियाना
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श्री अमरनाथ जी यात्रा 2014 में पिट्ठू और घोड़े वालों द्वारा भंडारों को आग के हवाले करने की घटना को अभी लोग भुला नहीं पाए थे कि शुक्रवार को एक बार फिर जम्मू कश्मीर के पदाधिकारी और पुलिस मुलाजिमों ने यात्रा में अड़ंगा लगा दिया।
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बालटाल मार्ग पर दोमेल में भंडारा संचालकों ने कैंप डायरेक्टर और उनके मुलाजिमों पर टेंट उखाड़ने और मारपीट करने का आरोप लगाया है।

इसके बाद बालटाल में लगने वाले सभी भंडारा संचालकों ने लंगर बंद कर दिए। लंगर बंद होने के बाद यात्रियों को काफी परेशानी आ रही है। हालांकि यात्रियों ने बेस कैंप डायरेक्टर और उनके मुलाजिमों की इस हरकत की कड़ी निंदा करते हुए भंडारा संचालकों का ही साथ दिया और उनके साथ उपवास रखने की बात कही।


श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (सैबलो) के महासचिव राजन गुप्ता ने कहा कि लंगर तब तक बंद रहेंगे जब तक जम्मू कश्मीर सरकार का कोई बड़ा अधिकारी आकर आश्वासन नहीं देगा कि यात्रा के दौरान बालटाल में भंडारों की सुरक्षा के इंतजाम पूरे रहेंगे।
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सैबलो के महासचिव राजन गुप्ता ने फोन पर बताया कि इस बार जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा बालटाल में भंडारे वालों की जगह में काफी कमी कर दी है।

इस वजह से भंडारा संचालकों को काफी दिक्कत थी। बालटाल रूट पर दोमेल के पास तीन भंडारे इकट्ठे लगते हैं। भंडारा संचालकों ने जगह कम होने की वजह से भंडारे के पीछे खाली पड़ी जगह पर ही मजदूरों के रहने के लिए टेंट लगाए हैं।


राजन गुप्ता ने कहा कि सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था। शुक्रवार की शाम को बेस कैंप डायरेक्टर पचास से अधिक पुलिस मुलाजिमों को लेकर दोमेल के पास लगने वाले भंडारों के अंदर चले गए।


वहां पर चेकिंग करने के बाद वह पीछे की तरफ गए और वहां पर लगे मजदूरों के टेंट को उखाड़ने शुरू कर दिए। जब भंडारा संचालको ंने उन्हें रोकना चाहा तो पुलिस मुलाजिमों ने भंडारे के मजदूरों को लाठियों से पीटा।


भंडारा मजदूरों को पीटने की खबर मिलते ही सैबलो के पदाधिकारियों ने बालटाल में बने दफ्तर में मीटिंग बुलाई और फैसला किया गया कि सब भंडारे बंद कर दिए जाएं। किसी को भी लंगर नहीं दिया जाएगा।


जब यात्रियों को इस बात का पता चला तो उन्होंने भी भंडारा संचालकों का ही साथ दिया। राजन गुप्ता ने आरोप लगाया कि जम्मू कश्मीर के पुलिस अधिकारी लाठी या फिर गोली की बात करेंगे तो देश में आंदोलन होगा। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान अड़ंगा डालने वाले को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा।


उन्होंने कहा कि बालटाल में लगने वाले लंगर तब तक नहीं चलेंगे जब तक जम्मू कश्मीर सरकार का कोई अधिकारी बालटाल में लगने वाले भंडारों की सुरक्षा का जिम्मा नहीं लेगा।
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