गत 12 मई को पुुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में नामजद तत्कालीन पुुुलिस चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह व थाना मुंशी सौदागर सिंह की मंगलवार को करीब तीन महीने के बाद एडिशनल सेशन जज सुखदेव सिंह ने जमानत कर दी है।
घटना की जानकारी अनुसार गत 12 मई को किसान बलदेव सिंह निवासी गांव हंडियाया अपने बाइक पर जा रहा था कि कस्बा हंडियाया अंदर चौंक में चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह ने वाहनों की चेकिंग के लिए नाकाबंदी की हुई थी।
इसी दौरान किसान बलदेव सिंह अपने बाइक पर वहां आ गया, जब उसको बाइक के दस्तावेज दिखाने के लिए कहा तो बलदेव सिंह व चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह ने तकरारबाजी हो गई तो पुलिस पार्टी ने चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह की हिदायतों पर बलदेव सिंह की मारपीट कर उसे चौकी ले जाकर हवालात में बंद कर दिया।
जहां बलदेव सिंह के भाई लाभ सिंह व मौके के गवाह सुखविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि वहां थाना मुंशी सौदागर सिंह ने भी उसकी मारपीट की। लेकिन कुछ समय बाद पता चला कि बलदेव सिंह की सल्फास की गोलियां खाने से मौत हो गई। मृतक के भाई लाभ सिंह व मौके के गवाह सुखविंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि पुलिस चौकी इंचार्ज चरणजीत सिंह व थाना मुंशी सौदागर सिंह ने उसकी मारपीट की बाद में उसे सल्फास खिलाकर जान से मार दिया।