संवाद न्यूज एजेंसी
हलवारा। गांव एतिआणा स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में बाबा श्री चंद का जन्मदिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए और रागी सिंहों ने गुरबाणी कीर्तन किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
बाबा श्री चंद जी प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के ज्येष्ठ पुत्र थे। उनका जीवन वैराग्य, तपस्या और आध्यात्मिक साधना से जुड़ा रहा। उन्होंने सांसारिक जीवन से विरक्त होकर साधना का मार्ग अपनाया। उनके अनुयायियों के माध्यम से उदासी संप्रदाय की परंपरा विकसित हुई जिसका उत्तर भारत के धार्मिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है। कार्यक्रम के दौरान ज्ञानी मनजीत सिंह और ज्ञानी कुलदीप सिंह ने बाबा श्री चंद जी के जीवन और धार्मिक योगदान पर प्रकाश डाला। जन्मदिवस के अवसर पर बाबा श्री चंद के स्थान खगूड़ा दरवाजा में विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। यहां संगत के लिए जलेबियों का लंगर लगाया गया जिसकी सेवा दिवंगत महंत नारायण दास के परिवार ने निभाई। गुरुद्वारा कमेटी ने महंत कर्मजीत दास, महंत जगतार दास और महंत महिंदर दास को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। प्रबंधकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक समागम नई पीढ़ी को संतों के जीवन और सेवा भावना से जोड़ते हैं।