डीएवी स्कूल की इमारत से गिरे अथर्व मामले में 26 दिन बाद सामने आई पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश की। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट कमिश्नर पुलिस जेएस औलख के पास भेजी। कानूनी राय लेने के बाद मामले में बढ़ाई गई धारा 308 को हटा दिया गया। मामले में नामजद स्कूल प्रिंसिपल सतवंत कौर भुल्लर को भी क्लीन चिट दे दी गई।
एसआईटी को लीड कर रहे एडीसीपी रतन सिंह बराड़ ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि खुफिया जांच और अथर्व गुप्ता की इंजरी रिपोर्ट मिलने के बाद 23 सितंबर को मामले में धारा 308 बढ़ाई गई थी। उससे पहले दर्ज मामले में 323, 325, 341, 506, 201, 34 और 82 जुवेनाइल जस्टिस केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड एक्ट 2015 धाराएं शामिल थीं।
एडीसीपी बराड़ ने कहा, चूंकि मामला नाबालिग छात्र से संबंधित है। इसलिए केस की हरेक पहलू से जांच की गई। इसके बाद टीम इस नतीजे पर पहुंची कि अध्यापक गोपाल दास, राजीव पनवर, नवीन और तजिंदर कौर ने अथर्व के साथ मारपीट करके शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया। इसलिए मामले में 75 जुवेनाइल जस्टिस केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड एक्ट 2015 बढ़ाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं। जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एडीसीपी बराड़ ने कहा कि अध्यापकों ने अथर्व को नीचे नहीं फेंका था। मारपीट से डर कर उसने खुद नीचे छलांग लगाई थी। जब उनसे पूछा गया कि पांचवीं मंजिल पर सुरक्षा के लिए रेलिंग क्यों नहीं लगाई गई तो जवाब मिला कि वहां निर्माण का काम चल रहा है। यह पूछने पर कि अथर्व का परिवार पहले दिन से सीसीटीवी फुटेज सामने लाने के लिए गुहार लगाता रहा है तो बराड़ का कहना था कि उस मंजिल पर कैमरे ही नहीं लगे थे।
अस्पताल में अथर्व ने पुलिस को बयान दिया था कि वह पिटाई के दौरान स्कूल की पांचवीं मंजिल पर ही बेहोश हो गया था। होश में आने पर उसने खुद को अस्पताल में पाया।
आठ सितंबर की सुबह पखोवाल रोड स्थित डीएवी स्कूल में आठवीं का छात्र अथर्व पांचवीं मंजिल से गिरकर घायल हो गया था। स्कूल प्रबंधन ने मामले में शाम तक पुलिस को कोई सूचना नहीं दी। डीएमसी अस्पताल में बीस दिन से ज्यादा चले इलाज के बाद उसे छुट्टी मिली। फिलहाल वह बेड पर ही है।