पंजाब में 50 साल के बाद हो रही एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया की 69वीं वार्षिक कांफ्रेंस एपीकॉन 2014 ने सब्जियों का दिल बनाने के मामले में एक नया विश्व रिकार्ड स्थापित करते हुए जापान को पीछे धकेल दिया है।
कांफ्रेंस के दूसरे दिन शुक्रवार को करीब 20 हजार किलो से ज्यादा ताजा सब्जियों की सहायता से बनाए गए इस दिल की बदौलत एपीकॉन 2014 ने गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड में अपना नाम शुमार किया है। इस काम में 80 से 100 लोगों ने सहयोग किया।
प्रबंधकीय सचिव डॉ. जीएस वांडर ने बताया कि देश के लोगों में सब्जियां तथा फलों के प्रयोग को दोबारा उत्साहित करने तथा नई पीढ़ी का रुझान बिना स्तरीय खाने-पीने से रोकने के लिए एसोसिएशन द्वारा यह काम किया गया है।
इस दिल को बनाने के लिए हीरो हार्ट की चीफ डाइटीशियन करिश्मा विर्क और रेनबैक्सी की टीम ने अहम भूमिका निभाई है। इस दिल के लिए प्रयोग की गई सब्जियां कीटनाशकों से मुक्त फार्मों से तैयार करवाई गई हैं। इनको अब श्री हरमंदिर साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण पटियाला सहित अन्य कई धार्मिक स्थानों में चलाए जा रहे लंगरों में दान के लिए भेजा जाएगा।
डॉ. वांडर ने बताया कि एसोसिएशन का प्रयत्न है कि लोगों को सेहतमंद रहने की प्रेरणा देने के लक्ष्य के रूप में उनको दोबारा पारंपरिक खान-पान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि रोजाना की खुराक में फल तथा हरी सब्जियों को शामिल करके ही खतरनाक बीमारियों का खात्मा किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इस दिल को बनाने के लिए पत्ता गोभी, गोभी, खीरा, लाल मिर्च आदि को प्रयोग किया गया है और यह दिल 5165 स्कवायर फुट में बनाया गया है।
विश्व स्तर की इस प्राप्ति के बदले अपनी समूची टीम को मुबारकबाद देते हुए डॉ. वांडर ने कहा कि इस सभी के प्रयत्नों का ही नतीजा है कि एपीकॉन को एक औैर बड़ी प्राप्ति हासिल हुई है। उन्होंने कहा कि एपीकॉन की इस 69वीं कांफ्रेंस दौरान अभी और भी अनेकों उपलब्धियां हासिल करनी हैं।