पंजाब कांग्रेस प्रभारी शकील अहमद, कांग्रेस की जनरल सेक्रेटरी अंबिका सोनी किसानों और आढ़तियों की समस्या सुनने शुक्रवार सुबह अनाज मंडी खन्ना पहुंचे। इस दौरान सोनी ने बताया कि पिछले तीन महीनों में पंजाब के 76 किसानों ने कर्ज के कारण आत्महत्या की।
उन्होंने कहा कि जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी तब पार्टी ने पंजाब के किसानों का 72 करोड़ का कर्ज माफ करवाया था और एक किसान ने भी कर्ज के कारण आत्महत्या नहीं की थी। केंद्र में अकाली दल की सहयोगी सरकार है, वह उनसे कर्ज माफ करने के लिए क्योें नहीं कहते। केंद्र सरकार ने बड़े-बड़े उद्योगों के करोड़ों रुपये के कर्ज माफ कर दिए हैं, किसान का कर्ज माफ क्यों नहीं किया जा रहा। इसके बाद उन्होंने समराला और श्री माछीवाड़ा साहिब मंडी का भी दौरा किया।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार पर बैंकों का 20 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है और आज ही करीब 19 बैंकों ने यह फैसला लिया है कि जब तक 20 हजार करोड़ का हिसाब नहीं होता तब तक सूबा सरकार की किसी तरह की मदद नहीं की जाएगी। पंजाब सरकार ने फसल के नाम पर 12 करोड़ हजार रुपये का घपला किया है, उसकी भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
पंजाब प्रभारी शकील अहमद ने कहा कि मंडियों में बुरा हाल है। न तो लिफ्ंिटग हो रही थी और न ही फसल का भुगतान हो रहा था। कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओं ने लगातार मंडियों का दौरा कर किसानों के हक में आवाज बुलंद की, जिसके बाद किसान और आढ़ती को उसकी फसल का मूल्य मिलना शुरू हुआ।
एसवाईएल पर हम पंजाब के साथ
एसवाईएल के सवाल पर सोनी ने कहा कि यह पंजाब और हरियाणा का मामला है। यह दोनों राज्य प्रधानमंत्री की पार्टी के हैं, फिर पीएम इस मामले में कोई बयान क्यों नहीं दे रहे। जहां तक हमारा मामला है, हम एसवाईल पर पंजाब के साथ हैं। सहजधारी सिख वोट पर सोनी ने कहा कि यह फैसला 70 लाख लोगों को धर्म से अलग करने की कोशिश है।
पंजाब के सहजधारी सिखों के साथ इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर विपक्ष नेता चरणजीत सिंह चन्नी, लाल सिंह, राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह दूलो, काउंसिल प्रधान विकास मेहता और जिला प्रधान लखबीर सिंह लखा मौजूद थे।