दिल्ली से बठिंडा की पहली उड़ान में 10 और बठिंडा से दिल्ली की पहली उड़ान में 14 यात्री हुए शामिल
कृषि मंत्री खुड्डियां और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने किया स्वागत
फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को भरेगी उड़ान
संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा। दिल्ली और बठिंडा के बीच सोमवार से हवाई सेवा फिर से बहाल हो गई। पहले दिन दिल्ली से बठिंडा 10 और बठिंडा से दिल्ली के लिए 14 यात्रियों ने उड़ान भरी। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने दिल्ली से पहुंचे यात्रियों का स्वागत किया। डीसी शौकत अहमद परे और सिविल एयरपोर्ट विरक कलां (बठिंडा) के निदेशक दविंदर प्रसाद ने बठिंडा से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाले पहले यात्री प्रणव कनोडिया का स्वागत किया और उनसे केक कटवाया। यह फ्लाइट सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को उड़ान भरेगी।
बता दें कि 2016 में बठिंडा से दिल्ली और जम्मू के लिए हवाई सेवा की शुरुआत की गई थी, लेकिन 2020 में कोरोनाकाल के दौरान यह सेवा बंद कर दी गई थी। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि इस हवाई सेवा से पंजाब सहित पड़ोसी राज्यों हरियाणा और राजस्थान के लोगों को भी फायदा होगा। इससे जहां उन्हें आने-जाने में आसानी होगी, वहीं कीमती समय भी बचेगा। खुड्डियां ने कहा कि उड़ानें सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेंगी। एक जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से इन उड़ानों को सप्ताह में तीन दिन से बढ़ाकर पांच दिन करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। भविष्य में जम्मू-कश्मीर के अलावा अन्य राज्यों के लिए भी हवाई सेवा शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मालवा, एम्स, फर्टिलाइजर, रिफाइनरी, बठिंडा कैंट और आसपास के कई विश्वविद्यालयों के हब के रूप में बठिंडा उभर रहा है। इससे विदेश से आने-जाने वाले यात्रियों को भी फायदा होगा।
व्यापारियों की समस्याओं को देख बनाया था हवाई अड्डा: हरसिमरत
इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी कहा कि कोरोना संकट के बाद ये उड़ानें फिर शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से बठिंडा या बठिंडा से दिल्ली आने-जाने वाले उद्योगपतियों और व्यापारियों की समस्याओं को ध्यान में रखकर इस हवाई अड्डे का निर्माण किया गया था। न उड़ानों से औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।