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बाहरी शक्तियों से मुकाबले को एयरफोर्स तैयार: एयर चीफ मार्शल

Wed, 20 Nov 2013 09:31 PM IST
अमर उजाला, लुधियाना
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भारतीय वायु सेना के एयर चीफ मार्शल एनएके  ब्राउन ने साफ किया है कि वायु सेना बाहरी शक्तियों की किसी भी तरह की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
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एयर चीफ मार्शल बुधवार को एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। ब्राउन ने साफ किया कि वायु सेना में ट्रेनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं अल्ट्रा माडर्न अपकरणों  पर फोकस किया जा रहा है। देश के उत्तर पूर्वी इलाके में एडवांस लैंडिंग एयरबेस की संख्या को बढ़ा कर नौ किया जा रहा है।

 इसके अलावा उत्तर भारत के लद्दाख के पास 16,300 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर नया एयरबेस बनाया जा रहा है, ताकि अति आधुनिक लड़ाकू विमानों का परिचालन आसानी से किया जा सके।
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उन्होंने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करके दुर्गम प्राकृतिक परिस्थितियों में भी वायु सेना की मारक क्षमता को बरकरार रखना ही प्राथमिकता है।

एयर चीफ मार्शल ने कहा कि राष्ट्र के साथ जवानों के माता पिता के प्रति भी उनकी पूरी जिम्मेदारी है। वायु सेना की कोशिश है कि जवानों को अतिआधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
 
सेना में अधिकारियों की कमी पर एयर चीफ मार्शल ने कहा कि इस वक्त सेना में 550 अधिकारियों की कमी है। फिलहाल हैदराबाद के पास स्थित अकादमी में 485 अधिकारी ही हर साल ट्रेंड किए जा सकते हैं।

अब ट्रेनिंग क्षमता को बढ़ा कर 700 से 800 अधिकारी सालाना किया जा रहा है। इसके बाद अधिकारियों की कमी को भी पूरा कर लिया जाएगा।

इसके अलावा वायु सेना के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट पिलाट्स की संख्या को भी बढ़ा कर 26 किया जा रहा है। ये एयरक्राफ्ट मई-13 में शामिल किए गए थे।

फिलहाल 75 युवाओं का पहला बैच इन पर ट्रेनिंग ले रहा है और दिसंबर में पहला चरण पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं में एयरफोर्स में आने के लिए जुनून है।

पिछले साल वायु सेना ने 300 पदों के लिए आवेदन मांगे थे और इसमें तीन लाख युवाओं ने आवेदन किया था। वीआरएस स्कीम पर एयर चीफ मार्शल बोले कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद अधिकारियों को निजी क्षेत्र में पुनर्वास के लिए भी सहयोग किया जाता है। मसलन बंगलूरू मेट्रो रेल में पिछले साल 230 अधिकारियों ने ज्वाइन किया।

उन्होंने कहा कि  बाहरी चुनौतियों से रक्षा के साथ सेना प्राकृतिक आपदा में भी बेहतर भूमिका निभा रही है। उत्तराखंड इसका ताजा उदाहरण है।

इसके अलावा 19 नवंबर को छत्तीसगढ़ में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भी वायुसेना के हैलीकॉप्टरों ने महत्वपूर्ण योगदान किया है। इस अवसर पर एयर मार्शल एसएस सोमन एवं एयर मार्शल दलजीत सिंह भी उपस्थित थे।  
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