रोपड़ में मंगलवार शाम बाजार बंद करवाने गए पुलिस मुलाजिमों ने दुकानदारों से धक्का-मुक्की की। उन्हें डंडे भी मारे गए। दुकानदार को डंडे मारने वाले एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार एएसआई बलवंत सिंह मेन बाजार में स्थित भटनागर स्वीट्स की दुकान बंद करवाने गए।
दुकानदार एक ग्राहक को सामान दे रहा था जिसे देख एएसआई ने दुकानदार पर डंडे बरसाने शुरू कर दिए। उसे चोटें आई हैं। दुकानदार विष्णु भटनागर का कहना है कि पुलिस ने उसके भाई के साथ धक्का किया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की कि पुलिस की धक्केशाही के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं डीएसपी के पास भी एएसआई के खिलाफ शिकायत दी गई है।
दूसरी तरफ बेला चौक में दुकानदार राजपाल राजू ने भी पुलिस पर धक्केशाही का आरोप लगाया है। राजपाल ने कहा कि पुलिस रोजाना उसे परेशान करती है जबकि वह शाम साढे छह बजे दुकान बंद कर देते हैं। मंगलवार को भी एसएचओ सुनील कुमार ने डीएसपी की मौजूदगी में उन्हें धक्के मारे। पुलिस की गाड़ी में बैठने के लिए दबाव बनाया। जानकारी के अनुसार पुलिस ने सिविल अस्पताल रोड पर भी कुछ रेहड़ी फड़ी वालों पर डंडे बरसाए।
उधर अकाली दल के सीनियर उपाध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की है। भाजपा नेता रमित केहर ने कहा कि पुलिस दुकानदारों के साथ दोषी जैसा बर्ताव कर रही है। ऐसे ही हालात रहे तो दुकानदार अपनी दुकानों की चाबियां मुख्यमंत्री के फार्म हाउस में भेजने को मजबूर होंगे। डीएसपी तलविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उसकी विभागीय जांच खोल दी गई है। उन्होंने माना कि एएसआई ने डंडे मारकर गलती की है।