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नशे के विरुद्ध ये कैसा युद्ध: जल रही थी ओवरडोज से मरे युवक की चिता, कुछ दूरी पर विधायक नशे पर दे रहे थे भाषण

Mon, 02 Jun 2025 07:52 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा (पंजाब)

सार

गांव तलवंडी राय के युवक सुखविंदर सिंह की नशे के ओवरडोज से माैत हो गई थी। सुखविंदर की मां ने कहा कि किसी और मां की कोख न उजड़े, इसलिए सामने आकर कह रही हूं कि मेरे बेटे को चिट्टा निगल गया, नशा बेचने वालों को फांसी दो।
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जानकारी देते सुखविंदर सिंह की माता और भाई - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हलका रायकोट के गांव हलवारा में पंजाब सरकार के नशे के खिलाफ चलाए अभियान युद्ध नशे के विरुद्ध पर कार्यक्रम चल रहा था। इसमें हलवारा के विधायक नशे को जड़ से खत्म करने के दावे कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ आयोजन स्थल से कुछ ही दूर गांव तलवंडी राय में चिट्टे की ओवरडोज से मारे गए 22 वर्षीय नौजवान सुखविंदर सिंह की चिता जल रही थी। 
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श्मशानघाट में सुखविंदर सिंह की मां करमजीत कौर ने सरकार के दावों को खोखला बताते हुए कहा कि हमने पुलिस को नशेड़ियों के अड्डे व तस्करों की सूचना दी थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। चिट्टा बेचने वालों को फांसी पर चढ़ाना चाहिए। किसी और मां की कोख न उजड़े, इसलिए सामने आकर कह रही हूं कि मेरे बेटे को चिट्टा निगल गया। विधायक के सामने भी मुद्दा उठाया, लेकिन वो भी भाषण देकर चले गए।
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नशे की ओवरडोज से गई सुखविंदर की जान

चार दिन पहले गांव की रायुवाला धर्मशाला में किसान परमजीत सिंह ने युवक सुखविंदर सिंह को बदहवास हालत में पड़े देखा था। परमजीत सिंह ने सरपंच करमजीत कौर व उनके पति इंदरजीत सिंह को सूचना दी। इंदरजीत सिंह ने बताया कि सुखविंदर के पास सिरिंज और नशे की गोलियां मिली थीं। पंचायत ने परिवार को साथ लेकर सुखविंदर को पहले रायकोट और फिर लुधियाना सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन रविवार रात को उसकी मौत हो गई।

एक साल में 12 की माैत

सरपंच के पति इंदरजीत सिंह, पूर्व सरपंच जसप्रीत सिंह जस्सा, कांग्रेस नेता करमजीत सिंह, पूर्व पंच जतिंदर सिंह व बलविंदर सिंह कोमल ने बताया कि 10 दिन में चिट्टे की ओवरडोज से दो और एक वर्ष में 12 से अधिक युवकों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि नशे से मौत की कई घटनाओं को बदनामी व पुलिस के डर से रिपोर्ट ही नहीं किया जा रहा। पुलिस को नशा तस्करों व नशेड़ियों के ठिकाने व नाम भी बताए, लेकिन किसी को नहीं पकड़ा गया। सुखविंदर सिंह को जिस दिन धर्मशाला से अस्पताल ले जाया गया था, उससे दो दिन पहले उनके गांव में युद्ध नशे के विरुद्ध समागम में यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन विधायक हाकम सिंह ठेकेदार ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। 

सुखविंदर को अस्पताल ले जाने के दौरान विधायक की टीम की ओर से दिए आपात नंबरों पर फोन किए, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। पुलिस उलटा जुबान न खोलने की धमकियां देती रही।
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गांव में सरेआम बिक रहा चिट्टा

सुखविंदर की मां करमजीत कौर व भाई बलजिंदर सिंह ने कहा कि उनके गांव में सरेआम चिट्टा बिक रहा है। नशे के सौदागरों की जमानतें करवाने वाले भी नशा तस्करी में लिप्त हैं। उनके खिलाफ भी केस दर्ज होना चाहिए।

डीएसपी बोले- कार्रवाई करेंगे

डीएसपी हरजिंदर सिंह ने कहा कि दो महीनों में नशा तस्करों के खिलाफ 60 से अधिक केस दर्ज किए हैं। सुखविंदर सिंह की ओवरडोज से मौत के मामले में किसी ने भी उनसे संपर्क नहीं किया। पुलिस सख्ती से दिन रात काम कर रही है। तलवंडी राय की घटना की जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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