लुधियाना के ढंढारी कलां की मक्कड़ कालोनी इलाके में गुरुवार को दिल्ली से ननिहाल आया 14 साल का नाबालिग घर की छत पर खेलते वक्त हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया, जिससे वह बुरी तरह से झुलसकर गिर पड़ा। बच्चे के चीखने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठे हो गए। बच्चे के परिजनों ने पहुंचकर उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल कराया है। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। बच्चे की पहचान साहिल (14) के रूप में हुई है।
दिल्ली का रहने वाला साहिल करीब 15 दिन पहले ही अपनी मां निशी देवी के साथ लुधियाना आया है। पिता सतिंदर सिंह और बड़ा भाई सूरज दिल्ली में हैं। घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे की है। साहिल खेलते हुए अचानक छत पर चला गया। उसी समय जोरदार धमाके की आवाज सुनकर निशी देवी छत की ओर भागी तो देखा कि उनका बेटा बुरी तरह झुलसी हालत में छत पर गिरा पड़ा है। उसके कपड़ों में भयानक आग लगी थी। उन्होंने शोर मचाकर लोगों को बुलाया और किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद बच्चे को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। घटना का पता चलने पर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची।
2006 में साहिल की नानी की करंट से हो गई थी मौत
साहिल के नाना उपेंद्र यादव ने बताया कि 2006 में साहिल की नानी लुटन देवी की भी करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। वह भी छत पर किसी काम से गईं थीं और करंट लग गया था। सीएमसी में इलाज के दौरान पांच दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। उसके बाद एक मजदूर के बेटे मिंटू की गेंद छत पर चली गई। जब वह उसे उठाने के लिए गया तो करंट की चपेट में आ गया। उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई थी।
इलाके में रहने वाले लोगों का आरोप है कि बिजली के हाईटेंशन तार घरों की छत से महज डेढ़ से दो फुट की ऊंचाई से गुजर रहे हैं। इस वजह से आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है। जबकि पूरी तरह लापरवाह हो चुके बिजली अधिकारियों ने यह सब देखने के बाद भी आंखें बंद कर रखीं हैं।