लुधियाना। बास्केटबॉल में चाहे रोज काफी सुधार हो रहा है, लेकिन अभी भी कोच और खिलाड़ियों में ग्रूमिंग की जरूरत है। ताकि बास्केटबॉल को भी अन्य खेलों की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया जा सके। इंडियन सीनियर मैन्स नेशनल बास्केटबॉल टीम के हेड कोच स्कॉट फ्लेमिंग ने अपने अनुभव बताए। फ्लेमिंग मंगलवार को बास्केटबॉल फेडरेशन आफ इंडिया द्वारा करवाई जा रही ट्रेन ऑफ ट्रेनर प्रोग्राम के तहत विभिन्न राज्यों के बास्केटबॉल कोच को ट्रेनिंग देने लुधियाना आए थे।
फ्लेमिंग ने बताया कि वह चाहते है कि विभिन्न राज्यों के कोच उनके अनुभव से ज्यादा से ज्यादा तकनीक का ज्ञान ले सकें। भारत के विभिन्न अकादमियों के पास अनुभवी कोच है, लेकिन कोचिंग कैंप के दौरान काफी कम है, जिसको बढ़ावा मिलना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बास्केटबॉल के प्रत्येक स्तर पर सुधार की जरूरत है, वह अपनी तरफ से रोजाना अच्छे से अच्छे अनुभव प्रदान करने की कोशिश करते हैं, इसलिए वह ट्रेनिंग दे सकते हैं, लेकिन अपने क्षेत्रों में खुद कोच को ग्रासरुट लेवल पर खिलाड़ियों को तैयार करना पड़ेगा। फ्लेमिंग ने बताया कि उनके पास तीस साल का यूनाइटेड स्टेट में कोचिंग देने का अनुभव है। फ्लेमिंग ने कहा कि बास्केटबॉल के खेल स्तर को बढ़ाने के लिए खेल की बारीकियों की जानकारी दी जाए, लेकिन भारतीय बास्केटबॉल के खेल के स्तर को इंटरनेशनल स्तर पर पहुंचाने के लिए समय लगेगा। चाहे फ्लेमिंग इस मामले में खुल कर कुछ नहीं बोले, लेकिन इतना जरूर कहा कि वह जल्दी से जल्दी इस फासले को मिटाने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने बताया कि उनको खिलाड़ियों को कोचिंग देने के दौरान भाषा की दिक्कत आती है, लेकिन वह सब प्रैक्टिकल करके दिखाते है, जिससे वह जल्दी समझ जाते है।
बास्केटबॉल फेडरेशन आफ इंडिया के नेशनल स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच जैक पेनवैल ने बताया कि वह खिलाड़ियों को उनके शक्ति प्रदर्शन में सुधार की ट्रेनिंग देते हैं। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल स्तर के मुकाबले भारत में बास्केटबॉल खेल के दौरान सुविधाओं का काफी अभाव है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद अपने स्तर पर दिल्ली में कोस्टोमाइज जिम तैयार करवाया है, जिसमें इंटरनेशनल और नेशनल स्तर के खिलाड़ी आकर प्रेक्टिस कर सकते हैं। ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को चोटिल होने से बचने के गुर सिखाए जाते हैं। 2006 में यूएस एयरफोर्स से रिटायरमेंट लेने के बाद 2010 में उन्होेंने दिल्ली का रुख किया और इस समय वह जूनियर मैन्स और वुमन नेशनल बास्केटबॉल टीम की फिजिकल डेवलपमेंट की तरफ अच्छी सेवाएं भी दे रहे हैं।
कोचिंग क्लीनिक में सिखाई खेल की बारीकियां
बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से गुरु नानक स्टेडियम के बास्केटबॉल कोट में विभिन्न राज्यों के कोच और विद्यार्थियों को खेल की बारीकियां बताने के लिए ट्रेन आफ ट्रेनर्स कोचिंग क्लीनिक का आयोजन किया गया। जिसमें नेशनल बास्केटबॉल कोच स्कॉट फ्लेमिंग और स्ट्रेंथ एंड कंडीशन कोच जैक पैनवल ने खेल की तकनीक की जानकारी दी। जिसमें खेलने के सही तरीके के साथ-साथ खेल के दौरान चोट लगने से खुद का बचाव करने की ट्रेनिंग दी गई। इसके अतिरिक्त शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने पर सवाल जवाब भी पूछे गए।