फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनावी घोषणा पत्र को कानून के दायरे में लाना समय की मांग: ढींसा

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में अराजकता का माहौल: ढींढसा
विज्ञापन

चुनाव घोषणा पत्र को कानून के दायरे में लाना समय की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)।
अकाली दल के महासचिव व राज्यसभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने मंगलवार को प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कैप्टन सरकार को सभी मोर्चों पर फेल करार देते हुए आरोप लगाया कि इस समय प्रदेश में अराजकता का माहौल है। सत्ता हथियाने के लिए पार्टियां चुनाव से पहले लोक लुभावने वादे करती हैं और सत्ता मिलते वादों से दूर हो जाती हैं। ढींढसा नई अनाज मंडी में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया कि चुनाव से पहले सियासी पार्टियों की ओर से जनता के समक्ष किए जाने वाले वादों को कानून के दायरे में लाया जाए। राजनीतिक पार्टियों के मैनिफेस्टो को चुनाव आयोग पहल करके कानून के दायरे में लाए। उन्होंने कहा कि कई सियासी दलों ने बडे़-बडे़ वायदे करके सत्ता हासिल की लेकिन सरकार बनाने के बाद वायदों से पीछे हट रही हैं। यह जनता के साथ धोखा है। वर्तमान दौर में सूबे के हालात भी कुछ ऐसे ही हैं। कांग्रेस ने सत्ता हासिल करने से वादों को दो माह के भीतर लागू करने के दावे किए थे। सवा वर्ष बीत जाने के बाद तमाम वादे खोखले साबित हुए हैं। लोग खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। ढींढसा ने कहा कि कांग्रेस सरकार को उसके वादे याद दिलाने और इन्हें लागू करने करने का दवाब बनाने के लिए अकाली दल पोल खोल रैली के दूसरे चरण का आगाज जल्द करेगा। इसके अलावा अकाली दल, विधानसभा में भी सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस सरकार के कान पर जूं रेंग नहीं रही है। कैप्टन सरकार के कार्यकाल में सूबे अराजकता का माहौल बन चुका है। हरेक वर्ग इस सरकार से निराश व मायूस हो चुका है और लोग पिछली बादल सरकार को याद कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें