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वेतन में कटौती व अध्यापक नेता को सस्पेंड करने पर पंजाब सरकार की अर्थी पर फूंकी आदेशो की कापियां

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लुधियाना। सांझा अध्यापक मोर्चा पंजाब की कॉल पर लुधियाना की ओर से एसएसए/रमसा/मॉडल/आदर्श अध्यापकों की 65 से 75 प्रतिशत तनख्वाह कटौती और अध्यापक नेताओं को सस्पेंड करने के विरोध में रोष मार्च किया गया। भारत नगर चौक में पंजाब सरकार के पुतले पर निलंबन के आदेश की कापियां फूंकी गई।
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अध्यापकों ने कहा कि शिक्षकों को सस्पेंड करके हक की आवाज दबाने की सरकारी कोशिश नाकाम होगी। नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री की ओर से मिली धमकियों से अध्यापक नहीं डरते। पूरी तनख्वाह, सारे भत्ते, सभी सहूलियतों समेत पेंशन के लाभ समेत पिछली सेवाओं का लाभ देते हुए शिक्षा विभाग में सेवाएं रेगुलर करवाने के लिए सांझा अध्यापक मोर्चा पूरा तान लेगा। यह मामला सिर्फ कच्चे अध्यापकों का नहीं है बल्कि सरकारी स्कूलों को बचाने का मामला भी है।

नेताओं ने कहा कि वह लगभग 10-10 सालों से शिक्षा विभाग में सेवाएं निभा रहे हैं। एसएसए/रमसा/माडल/आदर्श स्कूलों के अध्यापकों की तनख्वाह में सूबा सरकार की ओर से 65 से 75 प्रतिशत तक की कटौती करने के फैसले को गलत बताया। उन्होंने कहा कि अध्यापक अपने परिवारों समेत कैबिनेट मंत्रियों के घरों की ओर मशाल मार्च करेंगे। अध्यापकों ने डीसी आफिस के बाहर तख्तियां हाथों में पकड़कर प्रदर्शन किया। मौके पर नवनीत कौर, जगदीश कौर, सुनीता, रजिंदर कौर, बलबील सिंह, बिक्रमजीत सिंह, हरदेव सिंह, चरन सिंह, अमनदीप सिंह, गगनदीप सिंह मौजूद थे।
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