बाजार में जल्द मिलेगा कैदियों का बनाया नमकीन
दिल्ली की तिहाड़ जेल की तर्ज परजेल से भी बिकेगा सामान, मंत्रालय ने दी मंजूरी
कच्चा माल देने और प्रोडक्ट बेचने के लिए प्राइवेट कंपनियों के किया जाएगा करार
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। दिल्ली की तिहाड़ जेल की तर्ज पर अब सेंट्रल जेल लुधियाना में भी कैदियों का बनाया नमकीन और स्नैक्स जल्द ही महानगर के बाजारों में मिलेगा। इसके लिए कच्चा माल देने और तैयार माल को बाजार में बेचने के लिए प्राइवेट कंपनियों से समझौते के लिए मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। नमकीन और स्नैक्स बेचने के लिए कई प्राइवेट कंपनियों ने लुधियाना सेंट्रल जेल के साथ करार करने के लिए संपर्क किया करना भी शुरू कर दिया है। जेल प्रशासन को उम्मीद है कि अगस्त के अंत तक कंपनियों से करार कर लिया जाएगा।
सेंट्रल जेल के पास बिस्कुट, नमकीन, होजरी, हैंडलूम, साबुन, फिनायल और सिलाई के लिए सात अलग-अलग मशीनें है। इन मशीनों की कीमत एक करोड़ रुपये के करीब की है। इन मशीनों से सामान तैयार होता था। जेल प्रशासन को फंड न मिलने के कारण यह मशीनें काफी समय से बंद पड़ी थी। हालांकि, इसमें सिर्फ बिस्कुट और जर्सी बनाने का ही काम किया जा रहा था। यहां तैयार माल सिर्फ जेलों में ही सप्लाई किया जाता था।
दिल्ली के तिहाड़ जेल में कैदियों द्वारा बनाया गया नमकीन और अन्य सामान पर जेल की तरफ से टीजे के नाम से अपना मार्का लगाया है। उसकी ब्रांड नेम पर सारा तैयार सामान बाजारों में बिकता है। तिहाड़ जेल की तर्ज पर लुधियाना सेंट्रल जेल भी अपना एक ब्रांड नेम तैयार करेगी। फिर उसी ब्रांड नाम पर ही जेल में तैयार सामान लुधियाना के अलावा पंजाब के बजारों में बिकने के लिए जाएगा।
पिछले दो सालों से लुधियाना जेल में बिस्कुट और हैंडलूम की मशीनें ही चल रही थी। बिस्कुट तैयार करने के लिए 20 लाख की बेकरी मशीनरी है, जोकि एक दिन में 20 क्विंटल बिस्कुट तैयार करने की क्षमता रखती है। 10 लाख कीमत की हैंडलूम की मशीन है। नमकीन बनाने वाली मशीनरी 60 लाख रुपये की है, जिसमें सात अलग-अलग नमकीन करीब 10 क्विंटल का निर्माण की क्षमता है। लकड़ी के काम के लिए 35 लाख की मशीनरी। 3 लाख कीमत की वेल्डिंग की मशीन और उसके अलावा साबुन एवं फिरनायल तैयार करने के लिए 4 लाख की मशीनरी। 5 लाख की सिलाई मशीनरी और 3 लाख की पावरलूम की मशीनरी है।
पिछले दो सालों से बिस्कुट और हैंडलूम की मशीनें ही काम कर रही है। अब मंत्रालय ने पीपीपी के तहत नमकीन और स्नैकस तैयार करने की मंजूरी दे दी है। प्राइवेट कंपनियों से करार किया जाएगा, जोकि कच्चा माल मुहैया करवाएगी, जेल में कैदी सामान तैयार करेंगे और कंपनियों उस तैयार सामान को जेल के ब्रांड नाम के साथ बाजार में बेचेगी। कई कंपनियों ने जेल प्रशासन से संपर्क किया और जल्द ही उनके साथ करार साइन कर लिए जाएंगे।- शमशेर सिंह बोपाराय, जेल सुपरिटेडेंट