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सिद्धू ने किया टेंडर रद्द, नगर निगम विज्ञापन कंपनी पर मेहरबान

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सिद्धू ने किया टेंडर रद्द, लेकिन नगर निगम विज्ञापन कंपनी पर मेहरबान
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शहर में ज्यादातर बस शेल्टरों पर लगे हैं विज्ञापन, नेताओं की पहुंच का दबदबा
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। मुआवजे के नाम पर महानगर में बस शेल्टरों बना और उस पर विज्ञापन लगाकर नगर निगम के खजाने को करोड़ों की सलाना चपत लगाने वाले विज्ञापन माफिया पर कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू तो सख्त हैं, लेकिन नगर निगम लुधियाना के अधिकारी मंत्री के खिलाफ जाकर अब भी विज्ञापन माफिया पर मेहरबानी दिखा रहे हैं। इस कंपनी की खामियों के कारण मंत्री सिद्धू ने इसका टेंडर रद्द कर दिया, लेकिन महानगर में टेंडर रद्द करने के कई दिन बाद भी विज्ञापन माफिया के बस शेल्टर पर रेन शेल्टरों पर विज्ञापन पहले जैसे लगे हैं। इन्हें उतारने की नगर निगम के मुलाजिमों ने हिम्मत नहीं दिखाई है। बताया जा रहा है कि इसका कारण विज्ञापन एजेंसी के मालिक की कांग्रेस के मंत्री तक ऊंची पहुंच है।
महानगर में पिछले दस वर्षों से विज्ञापन एजेंसी ने मनमर्जी से टेंडर में हेरफेर कर शहर के विज्ञापन बोर्डों पर कब्जा किया हुआ था। कंपनी में अकाली सरकार में रह चुके एक मंत्री के बेटे की साझेदारी थी। इस कारण नगर निगम के अधिकारी भी इस कंपनी पर मेहरबान रहे। कंपनी को मुआवजे के नाम पर 80 बस क्यू शेल्टर दिए है। इसके बाद कंपनी ने हाईकोर्ट जाकर लुधियाना में 22 रेन शेल्टर के नाम पर बड़े बड़े बोर्ड का निर्माण कर लिया था। जहां 40 से साठ फुट तक विज्ञापन लग सकते हैं। अब मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इस कंपनी के सारे टेंडर रद्द कर जांच के आदेश दिए गए। चंडीगढ़ में हुई पत्रकार वार्ता के बाद इस कार्रवाई की चर्चा पूरे पंजाब में है। लेकिन सिद्धू की तरफ से कई गई कार्रवाई के बाद नगर निगम लुधियाना के अधिकारी इस एजेंसी पर अपनी मेहरबानी खत्म करने के लिए तैयार नहीं है। कई दिन बाद भी इस कंपनी के अलग अलग जगहों पर लगे बड़े बड़े विज्ञापन को उतारा नहीं गया है। अब भी पहले की तरह ही शहर में इस कंपनी के विज्ञापन लगे हैं।
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अकाली दल के बाद अब कांग्रेस मंत्री के शरण में कंपनी मालिक
शहर में चर्चा है कि अकाली दल की 10 वर्षों की सरकार के दौरान इस कंपनी का मालिक अकाली दल के मंत्री के बेटे के साथ मिलकर काम कर रहा था। अब जब कांग्रेस की सरकार है तो इस एजेंसी का मालिक कांग्रेस के मंत्री के साथ साथ चल रहा है। इस कांग्रेस मंत्री के जरिये ही यह अभी तक नगर निगम के अधिकारियों तक अपना दबदबा बना रहा है। उधर नगर निगम कमिश्नर जसकिरण सिंह ने कहा कि उन्होंने यह सारे बोर्ड उतारने के लिए मुलाजिमों को आदेश दिए हैं, सोमवार तक सारे ही उतार दिए जाएंगे।
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