संगरूर में किसानों ने जलाई पराली
गांव चट्ठा ननहेड़ा में की सरकार के खिलाफ नारेबाजी
ग्रामीणों ने किया अधिकारियों का घेराव करने का एलान
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। गांव चट्ठा ननहेड़ा में रविवार को भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धुपुर के जिला उपप्रधान रण सिंह चट्ठा की अगुवाई में किसानों ने अपने खेत में पराली को आग लगाई। साथ ही पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने ऐलान किया कि वह अपने खेतों में पराली को आग लगाएंगे, यदि प्रशासन ने किसानों पर कोई कार्रवाई की तो अधिकारियों का गांवों में आने पर घेराव किया जाएगा।
अगुवाई कर रहे रण सिंह चट्ठा ने कहा कि सरकार किसानों को आर्थिक मदद देने की बजाए जबरदस्ती पराली जलाने से रोक रही है। आर्थिक तौर पर कमजोर हुए किसानों के पास पराली को आग लगाने की बजाए कोई अन्य विकल्प बाकी नहीं है। किसान सरकार से पराली के प्रबंधन के लिए मुआवजे की मांग कर रहे है। सरकार मुआवजा देने को भी तैयार नहीं है। किसानों को सब्सिडी पर हैपी सीडर, चोपर, मलचर, रोटावेटर मुहैया करवाने के सरकार दावे तो कर रही है। हकीकत में किसानों को सब्सिडी पर यह उपकरण भी नहीं मिल पा रहे हैं। सरकार पराली जलाने वाले किसानों को जुर्माना, कैद, बिजली कनेक्शन काटने, जमीन पर लाल लकीर मारने की धमकियां दे कर किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही है।
कर्जे की गिरफ्त में फंसे किसान बैंकों, सोसायटियों के डिफाल्टर हो गए है, जिन्हें गेहूं बीजने के लिए बीज, डीएपी खाद, डीजल का प्रबंध करना भी मुश्किल हो चुका है। पंजाब सरकार किसानों को पराली जमीन में ही दबाने के लिए 300 रुपये प्रति क्विंटल बोनस प्राप्त करे व पांच हजार रुपये प्रति एकड़ किसानों को मुआवजा प्रदान करे। उन्होंने कहा कि पराली को आग लगाना किसानों की मजबूर हैं, जिसके चलते किसान पराली को आग लगाना जारी रखेंगे। इस मौके पर हरि सिंह, गुरमीत सिंह, गुरप्यार सिंह, दलेल सिंह, सोहन सिंह, गुरदियाल सिंह, नछत्तर सिंह, गोबिंद सिंह, बलविंदर सिंह, निर्भय सिंह, जीत सिंह, धन्ना सिंह, बंटी सिंह, लक्खी सिंह, महेंद्र सिंह, लीला सिंह, जंटा सिंह, राज सिंह, कर्मजीत सिंह, अजमेर सिंह मौजूद थे।