स्कूल सरकारी, पढ़ाई मल्टी मीडिया से
मनैला का एलीमेंटरी स्कूल की हालत एनआरआई व ग्रामीणों की मदद से सुधरी
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब
जिले के गांव मनैला का एलीमेंटरी स्कूल की हालत अध्यापकों, गांववासियों तथा गांव के एनआरआई लोगों की मदद से बदल गई। स्कूल में मल्टी मीडिया तकनीक से होती पढ़ाई आम लोगों का ये भ्रम भी दूर कर रही है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होती। स्कूल में दो स्मार्ट क्लास रूम, एक डिजीटल लाइब्रेरी, एक रसोई, विद्यार्थियों के लिए खाने का प्रबंध, स्वच्छ पानी, हरे भरे पार्क, फलदार, छायादार और सजावटी पौधे स्कूल को असली शिक्षा मंदिर की ख्याति प्रदान करते हैं। स्कूल को बाहर से देखने का नजारा देखते ही बनता है।
स्कूल में प्रीप्राइमरी और प्राइमरी के 70 बच्चों के लिए एक तरह की वर्दी, एसी क्लास रूम, प्रार्थना सभा में पी टी ड्रम और साउंड सिस्टम, शैक्षिक पार्क, क्लास रूम में शानदार फर्नीचर, भाखड़ा डैम का वर्किंग माडल, ट्रैफिक पार्क और चिह्न, शहीद-ए-आजम भगत सिंह का बुत लगाया गया है। स्कूल अध्यापक जगतार सिंह ने बताया कि गांव के कुछ प्रगतिशील सोच वाले लोगों की मदद से यहां पढ़ने वाले हर बच्चों को कान्वेंट स्कूल जैसी सुख-सुविधा प्रदान की जाती है। यह स्कूल वर्ष 1867 में अस्तित्व में आया था। अध्यापक जगतार सिंह मनैला 2016 में अपनी बदली इसी स्कूल में करवाई। गांव की पंचायत ने स्कूल को एक एकड़ शामलात जमीन दी और दानी लोगों व प्रवासी पंजाबियों के सहयोग के साथ स्कूल की नई आलीशान इमारत का निर्माण हुआ। अब तक स्कूल में सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के सहयोग से 30 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
अध्यापक जगतार सिंह मनैला के स्कूल प्रति लगाव और मेहनत से प्रभावित होकर उनकी पत्नी भी इसी स्कूल की बेहतरी को समर्पित है। जगतार सिंह को शिक्षा विभाग अध्यापक दिवस पर स्टेट अवार्ड के साथ सम्मानित कर चुका है और 26 जनवरी 2018 को राज्यमंत्री रजिया सुल्ताना ने भी अध्यापक जगतार सिंह को विशेष तौर पर सम्मानित किया।