लुधियाना में 28 सब सेंटर हेल्थ वेलनेस सेंटर बनेंगे
डाक्टरों की कमी से जूझ रहे दूर क्षेत्रों में सेहत सहूलियतों में होगी बढ़ोतरी
हेल्थ वेलनेस सेंटर चलने के लिए नर्सिंग स्टाफ को दी जा रही है ट्रेनिंग
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। लोगों को सेहत सहूलियतें उनके घर घर पर मुहैया करवाने के मकसद से प्रदेश सरकार की ओर से सूबे में 2950 के करीब हेल्थ वेलनेस सेंटर खोले जाने है। इन्हें चलाने के लिए नर्सिंग अफसरों (स्टाफ नर्सें) को बाकायदा ओपीडी करने की सिखलाई दी जा रही है। यह सेंटर शुरू होने से जहां ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में चल रहे सब सेंटरों व प्राइमरी सेहत केंद्रों को मजबूती मिलेगी। वहीं डॉक्टरों की कमी से जूझ रही सरकारी सेहत संस्थाओं से लोग अधिक विश्वास से जुड़ेंगे।
सिविल सर्जन डा. परविंदरपाल सिंह सिद्धू के अनुसार पहले चरण में सूबे भर में इस साल के अंत तक 240 सेंटर चालू किए जाने है। जिला लुधियाना में कुल 28 सेंटर खोले जाने है। जिले में पहले ही चल रहे सब सेंटरों को बुनियादी सहूलतों से लैस करके वेलनेस सेंटरो के तौर पर विकसित किया जा रहा है। ब्रिज प्रोग्राम के तहत जिला लुधियाना में डा. कुलवंत सिंह की अगुवाई में 28 नर्सिंग आफिसरों (स्टाफ नर्सों) को इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी की ओर से 6 महीने की कम्यूनिटी हेल्थ अफसर के तौर पर सिखलाई दी जा रही है। यह सिखलाई जून 2018 में पूरी हो जाएगी।
सिखलाई के बाद 1 अक्तूबर 2018 से इन कम्यूनिटी हेल्थ अफसरों को इन वेलनेस सेंटरों में तैनात किया जाएगा। कम्यूनिटी हेल्थ अफसर को यह सिखलाई लुधियाना समेत जालंधर, बठिंडा, पटियाला, अजीतगढ़, श्री अमृतसर साहिब, फरीदकोट तथा गुरदासपुर में दी जा रही है। सिखलाई देने वाले सिविल अस्पताल के डॉक्टरों को इससे पहले दिल्ली तथा चंडीगढ़ में सिखलाई दी गई थी।
गौर हो कि इस समय एक सब सेंटर में एक एएनएम व एक मल्टीपर्पस हैल्थ वर्कर ही ड्यूटी दे रहे है। इससे यहां बहुत मरीज इलाज के लिए जाते ही नहीं। इसी कारण वह या तो अपनी बीमारी को बढ़ा लेते है यो फिर निजी अस्पताल के चंगुल में फंस कर मोटी लूट का शिकार हो जाते है। सेहत विभाग को उम्मीद है कि सब सेंटरों को हेल्थ वैलनेस सेंटर के तौर पर तब्दील करने तथा वहां ट्रेड कम्यूनिटी हेल्थ आफिसर तैनात करने से दूर क्षेत्रों में सेहत सहूलियतों में बढ़ोतरी होगी।