बारिश में भीगा खरीद केंद्रों में पड़ा बीस हजार बोरी धान
नाकाफी साबित हुए प्रबंध, किसान और आढ़ती परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम (संगरूर)। जिले में बुधवार को बारिश होने से लोगों को स्मॉग से भले ही राहत मिल गई है लेकिन किसान और आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई है। खरीद केंद्रों और मंडियों में पड़ा करीब बीस हजार बोरी धान गीला हो गया है।
सुनाम की अनाज मंडी में दस हजार थैले से ज्यादा धान मंडी में पड़ा है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के खरीद केंद्रों में भी बड़ी मात्रा में धान पड़ा है। आढ़ती इस बात को लेकर पहले से ही परेशान हैं कि धान में नमी की मात्रा ज्यादा होने का तर्क देते हुए शैलर मालिक धान को उठा नहीं रहे हैं। अब बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
आढ़ती आगू शंकर बांसल ने बताया कि नमी की मात्रा ज्यादा होने का बहाना बनाकर आढ़तियों को चूना लगाने की कोशिश की जा रही है। अब बारिश ने तो उन्हें मुसीबत में डाल दिया है। धान गीला होने के कारण खराब भी हो सकता है और नमी की मात्रा बढ़ना तय है। ऐसे में आढ़तियों और किसानों का आर्थिक शोषण होना लाजिमी है। वहीं शैलर एसोसिएशन का तर्क है कि सरकार की ओर से तय मापदंडों के अनुसार ही वह धान उठाएंगे।
प्रबंध अधूरे, बारिश ने खोली पोल
भाकियू सिद्धूपुरा के ब्लॉक अध्यक्ष रण सिंह चट्ठा ने बताया कि खरीद केंद्रों में पर्याप्त प्रबंध नहीं हैं। बरसात ने सरकार के प्रबंधों की पोल खोलकर रख दी है। खरीद केंद्रों में शेड नहीं हैं और न ही तिरपालों का उचित प्रबंध है। सुनाम अनाज मंडी में भी कई शेड टूटे हैं। बरसात से फसल को बचाने का ठोस प्रबंध नहीं है। उन्होंने मांग की कि खरीद केंद्रों में उचित सुविधाएं प्रदान की जाएं और धान में नमी की मात्रा पर विशेष छूट दी जाए।
----------------
फोटो: सुनाम की अनाज मंडी परिसर में बरसात के कारण गीला हुआधान।
------------