निगम चुनावों का बहिष्कार करेंगे उद्यमी, महंगी बिजली से नाराज
तमाम औद्योगिक संगठन मिल कर शुरू करेंगे आंदोलन
सरकार को चेतावनी, टू पार्ट टैरिफ वापस लिया जाए
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
पंजाब में बिजली के दोहरी दर प्रणाली (टू पार्ट टैरिफ) के खिलाफ उद्यमियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। उद्यमियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही इस प्रणाली को वापस नहीं लिया गया तो जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा और अगले कुछ दिनों में इसके लिए रणनीति बना ली जाएगी। साथ ही औद्योगिक संगठनों ने ऐलान किया है कि निगम चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा और सोशल मीडिया पर इनके खिलाफ प्रचार किया जाएगा।
यह फैसले बुधवार को यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (यूसीपीएमए) के बैनर तले औद्योगिक संगठनों की बैठक में लिया गया।
काबिलेजिक्र है कि सूबा सरकार ने एक अप्रैल 2017 से बिजली की दरों में नौ से बारह फीसदी का इजाफा किया है। इसके बाद नवंबर से दो फीसदी निगम टैक्स भी लगा दिया है। साथ ही फिक्स्ड चार्जेज के रूप में दूसरी टैरिफ प्रणाली शुरू की है, इसे लेकर उद्यमियों में उबाल है।
यूसीपीएमए के प्रधान इंद्रजीत सिंह नवयुग ने कहा कि सरकार ने उद्योग जगत से बिना सलाह किए ही नए टैरिफ लागू किए हैं। टू पार्ट टैरिफ से बिजली काफी महंगी हो जाएगी। इसके साथ उद्योग चलाना संभव नहीं होगा। नवयुग ने तमाम औद्योगिक संगठनों से आहवान किया है कि सरकार के इस फैसले के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करें। ताकि इसे वापस कराया जा सके। बैठक में चरणजीत सिंह विश्वकर्मा, अवतार सिंह भोगल, प्रदीप वधावन, राजिंदर सिंह पप्पू, अच्छरू राम गुप्ता, केके गर्ग, मनजीत सिंह मठारू, बदीश जिंदल, देव गुप्ता, राज कुमार सिंगला, गोपाल सिंह समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।