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कर्ज से परेशान दो किसानों ने दी जान

Wed, 30 Mar 2016 10:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
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आत्महत्या
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जिले के गांव बगेहर मोहब्बत और सींगों मंडी के दो किसानों ने आर्थिक तंगी व कर्ज से तंग आकर खुदकुशी कर ली। किसानों की पहचान बलविंदर सिंह (50) और अंग्रेज सिंह (38) के रूप में हुई है।
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किसान बलविंदर सिंह के पास कुल 21 कनाल जमीन थी। इसमें से उसने 18 कनाल जमीन कर्ज उतारने व महंगाई के चलते परिवार को पालने के लिए बेच दी। उसके पास सिर्फ तीन कनाल जमीन थी जिसपर खेती कर वह परिवार का पालन पोषण करता था। उसकी नरमे की फसल खराब हो गई थी जिससे उसपर लाखों का कर्ज हो गया था। इससे परेशान होकर सोमवार रात उसने फंदा लगा लिया। बलविंदर की छोटी बेटी का विवाह भी होने वाला है जिसके कारण वह चिंतित था।

वहीं गांव सीगों के किसान अंग्रेज सिंह ने भी कर्ज से परेशान होकर जहर निगलकर जान दे दी। किसान के पास पांच एकड़ ठेके पर जमीन थी जिसमें र्बोई गई नरमे की फसल बरबाद हो गई थी। उसपर सात से आठ लाख रुपये का कर्ज था। सरकार की ओर से मिलने वाला मुआवजा भी उसे नहीं मिला था। इसके कारण वह परेशान रहता था।
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सीएम के आदेश कागजों तक सीमित
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने खुदकुशी करने वाले किसानों के परिवार को सहायता देने के लिए एक नई पॉलिसी के तहत प्रदेश के हर जिले के डीसी को आदेश दिए थे कि जिस दिन कोई भी किसान खुदकुशी करे उसी दिन उसके परिवार को मुआवजा जिला प्रशासन की ओर से दिया जाए पर ऐसा नहीं हो रहा है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान का कहना है कि मुख्यमंत्री के आदेश सिर्फ जिला प्रशासन ने कागजों तक ही सीमित रखे हैं।
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