लुधियाना में कर्फ्यू जैसा रहा माहौल
दलित युवकों ने हवा में लहराई तलवारें, कई जगहों पर मामूली तोड़फोड़
दिल्ली रेलवे लाइन पर कई घंटे बैठे रहे प्रदर्शनकारी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ सोमवार को दलित समुदाय के भारत बंद का महानगर में पूरा असर दिखा। महानगर में सोमवार को कर्फ्यू जैसा माहौल बना रहा। दलित युवकों ने कई जगहों पर दहशत का माहौल बना दिया गया। हाथ में तलवारें लेकर दलितों ने कई इलाकों में जाकर जबरदस्ती दुकानें बंद कराई और कुछ जगहों पर मामूली तोड़ फोड़ की। दलित युवकों ने रेहड़ी चालकों को जबरदस्ती भगाया। कई जगहों पर टायर जलाए गए। दलित समाज के लोगों ने मोदी सरकार के पुतले फूंक कर प्रदर्शन किया।
कई दलित संगठनों ने घंटाघर से रोष मार्च निकाल कर डीसी दफ्तर कर प्रदर्शन किया और डिप्टी कमिश्नर को मांग पर देकर एससी-एसटी एक्ट को पहले जैसा ही रहने की मांग की। दलित समुदाय ने महानगर के समराला चौक, जालंधर बाइपास, घंटाघर, जगरांव पुल और भारत नगर चौक को पूरी तरह से जाम कर रखा था। बाहरी शहरों से आए हुए लोगों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए बसे नहीं मिली। कुछ दलितों ने जगरांव पुल के नीचे रेलवे लाइन को भी काफी समय तक अपने कब्जे में रखा।
सोमवार की सुबह नौ बजे से ही दलित समुदाय के लोग सड़कों पर निकल आए थे। जालंधर बाईपास, हैबोवाल, समराला चौक, घंटाघर और कई जगहों पर टायर जला कर मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चौक के सभी तरफ पाइपें और गाड़ियां लगाकर रास्ते बंद कर दिए। वाहन निकालने को लेकर भी कई लोगों की प्रदर्शनकारियों के साथ कहासुनी भी हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारी अंदरूनी इलाकों में खुली कृपाण लेकर चलने लगे। जबरदस्ती दुकानें बंद कराई और कुछ दुकानों में तोड़ फोड़ की। जबरदस्ती दुकानें बंद कराने को लेकर कुछ लोगों की दलितों के साथ कहासुनी भी हुई। दलित गुरु दर्शन रत्न रावण जी की अगवाई में दलितों ने रोष मार्च निकाला और डीसी दफ्तर तक पहुंचे। डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल ने कार्यालय से बाहर आकर मांग पत्र लिया।
उधर, हलवारा के साथ साथ रायकोट में भी भारत बंद का पूर्ण असर रहा। रायकोट और हलवारा में बाजार पूरी तरह से बंद रहे और सियासी पार्टियों के नेता एकमंच पर दिखे। दलित नेताओं ने लेबर चौक से प्रदर्शन किया और शहर के प्रमुख बाजारों से होते हुए पायल तलवंडी गेट पर पहुंचे। वहां पर काफी समय तक प्रदर्शनकारी बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार जसविंदर कुमार को मांग पत्र सौंपा। इसी तरह बंद का असर मुल्लापुर के साथ आसपास के एरिया में भी रहा।