फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जीएस फसलों तथा जैविक सुरक्षा पर हुई विचार चर्चा

विज्ञापन
विज्ञापन
जीएस फसलों, सुरक्षा पर चर्चा
विज्ञापन

पीएयू में जैविक सुरक्षा संबंधी वर्कशाम का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी लुधियाना के बायोटैक कंशोरशियम नई दिल्ली के सहयोग से जैविक सुरक्षा संबंधी एक वर्कशाप की गई। वर्कशाप में यूनाइटेड नेशन इंवायरमेंट प्रोग्राम, ग्लोबल इंनवायरमेंट फैसिलिटी, वातावरण मंत्रालय, जंगलात व भौगोलिक तब्दीलियां भारत सरकार का सहयोग भी प्राप्त था। इसमें कुल 70 डेलिगेट ने भाग लिया।
इसका पहला तकनीकी सेशन जैविक सुरक्षा से संबंधित तकनीकी मुद्दों पर था। इसका संचालन खेती बायो टेक्नालाजी स्कूल के निर्देशक डा. प्रवीण छुनेज ने किया। पंजाब में इस संबंधी खोज के मौजूदा हालात तथा विकास के बारे दूसरे सेशन की प्रधानगी आईसीएआर के नेशनल प्रोफेसर डा. एसएस बांगा ने की। पौध सुरक्षा के जेनेटिक नेशनल ब्यूरो डा. केसी बांसल ने अपने भाषण में कहा कि हमारे पास हरित क्रांति के लिए टेक्नालाजियां और मौजूदा समय में बायोटेक्नालाजी हमारे पास है, जोकि पारंपरिक प्लांट ब्रिडिंग का ही अगला विस्तार है।
विज्ञापन

डा. बांसल ने भारत में हुए जीएस फसलों संबंधी अनेक तजुर्बे का जिक्र किया, जिससे बीमारियों, बैक्टीरिया से लगने वाली बीमारियों के प्रति फसलों में सहनशीलता और जीएस फसलों से ही कुपोषण से बचा जा सका। 2016 में विश्व स्तर पर इन बायोटेक फसलों अधीन तीन विकसित देश जिनमें ब्राजील, आर्जनटीना तथा भारत (खासकर बायोटेक नर्मा) शामिल है में 91 प्रतिशत फसलें बीजी गई। 2016 में बीटी नर्मे की खेती बड़े स्तर पर करके भारत नर्मे का सब से बड़ा उत्पादक बना। जीएस सरसो हाईब्रिड की फसलों के लिए किसानों को जानकारी दी गई।
विज्ञापन

डा. छुनेजा ने कहा कि पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी 25 वर्षों से बायोटेक्नालाजी के क्षेत्र में खोज कर रही है। बीसीआईएल के चीफ जनरल मैनेजर डा. विभा आहूजा ने प्रमुख वैज्ञानिकों, खोजी तथा पंजाब के किसानों का स्वागत किया। अन्य वक्ताओं में जेनेटिक मैनिपुलेशन की रिव्यू कमेटी के मैंबर डा. एसजे रहमान, पंजाब बायोटेक्नालाजी इनकुबेटर के चीफ एग्जीक्यूटीव आफिसर डा. अजीत दुआ, डा. मुरली किशना, डा. प्रभजीत सिंह, डा. सिदार्थ तिवाड़ी ने विचार सांझे किए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें