‘ईश्वर को जानना मानव जीवन का उद्देश्य’
श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन बोलीं साध्वी वैष्णवी भारती
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। संस्कृति मंच एवं दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वाधान में दरेसी ग्राउंड में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन साध्वी वैष्णवी भारती ने कहा ईश्वर की कृपा से प्राप्त मनुष्य जन्म का लाभ यही है कि हम ज्ञान और भक्ति से अपने जीवन को ऐसा बना लें कि अंत समय में भी प्रभु का ही स्मरण बना रहे। उन्होंने कहा क्योंकि हम अंत समय में जिस चीज का भी ध्यान करेंगे। हम अगले जन्म में उसी योनि को ही प्राप्त होंगे।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि जो प्राणी अंत काल में मेरा स्मरण करता हुआ अपनी देह का त्याग करता है, वह मुझे ही प्राप्त होता है। साध्वी ने बताया कि अगर अंत समय में उस ईश्वर को ही याद किया तो उसे पाने का सौभाग्य भी प्राप्त होगा और मानव जीवन का उद्देश्य भी है कि हम ईश्वर के अंश है उसे जानें भी। जब कलयुग का आगमन होता है तो वह राजा परीक्षित से उसके राज में रहने के लिए ऐसी जगह की मांग करता है, जहां वह आराम से रह सके । लेकिन राजा परीक्षित उसी कलयुग के प्रभाव के कारण ऋषि से शापित हो जाता है। उसके पश्चाताप में राजा परीक्षित शुकदेव जी के पास जाते हैं। आज परीक्षित भी शुकदेव जी के श्री चरणों में बैठकर उस जगदीश्वर को जान लेना चाहते हैं। परीक्षित के मन में आज अनेकों ही प्रश्न हैं, किंतु जितने प्रश्न मन में थे उतने ही नारद जी के मन थे। नारद जी को समाधान मिला ब्रह्मा जी से और परीक्षित की जिज्ञासा शुकदेव जी से शांत हुई। गुरु और शिष्य की परंपरा शुरू से ही चलती आ रही है।
दूसरे दिन कथा का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व सेहत मंत्री सतपाल गोसाईं, पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों, पूर्व ट्रस्ट चेयरमैन डॉक्टर सुभाष वर्मा, शिअद नेता विपन सूद काका , पार्षद मनप्रीत सिंह ग्रेवाल, उमा दत्त शर्मा, पार्षद सुनीता शर्मा ,पार्षद इंदर अग्रवाल, अमित गोसाई , शलील गुप्ता ,पंकज जैन (बीजेपी ), तरसेम जैन, डॉ विजय बिंद्रा ,संघ प्रचारक रामलाल, नंद कुमार जैन (प्रधान डीडी जैन कॉलेज) ने ज्योति प्रज्ज्वलन कर किया।