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ईएसआई अस्पताल में व्यक्ति की मौत, परिजनों ने लगाए डाक्टरों पर आरोप

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अस्पताल में युवक की मौत, परिजनों का हंगामा
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क्रासर
डॉक्टरों पर इलाज न करने और पैसे मांगने के लगाए आरोप
अस्पताल में परिजनों को नहीं दिया गया घुसने, खुद ही चले गए
अमर उजाला ब्यूरो
लुधिायाना। दो महीने पहले सड़क हादसे में घायल फोकल प्वाइंट के रहने वाले संजय पांडे (35) की शनिवार सुबह ईएसआई अस्पताल में मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि डॉक्टर उनसे पैसे मांग रहे थे। मौत होने के बाद डॉक्टरों ने मरीज को एंबुलेंस में डालकर उसे निजी अस्पताल में भेजने की बात की। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान सिक्योरिटी गार्डों ने मरीज के परिजनों को अस्पताल के बाहर निकाल दिया। इसके बाद परिजन करीब एक घंटे तक अस्पताल के बाहर ही धरने पर बैठे रहे। जब किसी ने नहीं सुनी तो वह खुद ही वहां से चल दिए।
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संजय पांडे की पत्नी रंजीता पांडे ने बताया कि उनके पति एक निजी फैक्टरी में काम करते थे। 27 मार्च को वह साइकिल से जा रहे थे। शेरपुर चौक के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी। इसके बाद वह परिजनों के साथ मिलकर अपने पति को ईएसआई अस्पताल ले गई थी। जहां से संजय को इलाज के लिए मोहनदई ओसवाल अस्पताल रेफर कर दिया। ओसवाल अस्पताल वालों ने शुक्रवार को संजय को इलाज के लिए फिर से ईएसआई अस्पताल भेज दिया। रंजीता का आरोप है कि जब वह ईएसआई अस्पताल देर रात को आए तो डाक्टरों ने उसके पति का इलाज ही नहीं किया। उन्होंने न मरीज को न तो कोई आक्सीजन लगाई और न ही किसी तरह का कोई ट्रीटमेेंट किया। सुबह उन्हें कहने लगे कि संजय की मौत हो चुकी है। उसके बाद डाक्टरों ने अपना गलत काम छिपाने के लिए संजय के शव को एंबुलेंस में रखवा दिया और कहा कि वह उसे निजी अस्पताल ले जाएं। जब पता चला कि मरीज की मौत हो चुकी है तो वहां प्रदर्शन हुआ। अस्पताल के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया।
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