सांझा अध्यापक मोर्चा ने किया रोष प्रदर्शन
डीसी दफ्तर के समक्ष सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
सांझा अध्यापक मोर्चा ने डीसी आफिस पर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान अध्यापकों ने तबादला नीति नहीं मंजूर के नारे लगाए। साथ ही सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली।
सांझा अध्यापक मोर्च के नेता हरविंदर सिंह, दलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, प्रवीण कुमार, जगदीप सिंह, मनराज विर्क ने मांगें उठाईं। नेताओं ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि मंत्रिमंडल की ओर से हाल ही में पास की गई तबादला नीति असल में स्थानांतरण नीति नहीं है, बल्कि यह पूरी की पूरी एक योजना है। इसके तहत सूबे के सभी सरकारी स्कूलों को उजाड़ने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। उन्होंने कहा कि विद्यक संस्था में 7 साल या इससे अधिक की स्टे वाले सभी अध्यापकों को तबदील करे और 50 साल से नीचे के पुरुष अध्यापकों को लड़कों के स्कूलों में पढ़ाने व पाबंदी लगाने की तबादला नीति बेहद निंदनीय है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अध्यापक और विद्यार्थी मशीन नहीं है और न ही स्कूल कोई कारखाना या व्यापारिक केंद्र है।
उन्होंने मांग की कि मिडिल स्कूलों में पोस्टें खत्म करने औप 800 प्राइमरी स्कूल बंद करने का फैसला रद किया जाए। हर तरह के कच्चे अध्यापकों को 10300 रुपये बेसिक पे की बजाए पूरे ग्रेड और भत्ते समेत तुरंत रेगुलर किया जाए, स्कूल के 9 पीरियड रखे, रेशनेलाइजेशन 2011 की नीति अनुसार किए जाए। इस मौके पर अजीतपाल सिंह, हरदीप सिंह, गुरदीप सिंह, रणजोध सिंह, अंकुश शर्मा, कुलप्रीत सिंह, अरुण सिंह, अवतार सिंह, टहल सिंह, परमजीत सिंह मौजूद रहे।