गेहूं खरीद बंद होने से किसान परेशान
सीएम खरीद एजेंसियों को गेहूं खरीदने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने का आदेश दें: हरसिमरत
कहा, किसानों की पीड़ा को कम करने के लिए नेक नीयत से प्रयास किए जाने चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से एजेंसियों को गेहूं की खरीद दोबारा शुरू करने के निर्देश देने के लिए कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसियों की ओर से गेहूं की खरीद पर लगाए अनौपचारिक प्रतिबंध के कारण मंडियों में फसल की भरमार हो चुकी है। इससे किसानों को कठिनाईयों को सामना करना पड़ रहा है।
हरसिमरत कौर बादल प्रेस बयान में कहा कि किसानों को मंडियों में परेशान करने की घटनाओं रिपोर्टों के बाद मुख्यमंत्री ने संगरूर में अनाज मंडी का दौरा कर सिर्फ खानापूर्ति की। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को तुरंत गेहूं की खरीद दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए जाने चाहिए, जिन्होंने बिना कोई नोटिस के गेहूं की खरीद बंद कर दी है। इसके साथ ही मंडियों में गेहूं को उठाने की प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए, क्योंकि बड़ी मात्रा में फसल आने से मंडियों में अंबार लग गए है। बठिंडा सांसद ने कहा कि वह पिछले तीन दिनों से मंडियों के दौरे कर रही हैं। किसान पिछले एक हफअते से परेशानियां से जूझ रहे हैं, क्योंकि अभी तक बोरे तक उपलब्ध नही करवाए गए हैं। सोमवार को नारूआनां मंडी का दौरा करने पर किसानों ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से मंडी में बैठे हैं और यहां शेड व पीने वाला पानी जैसी आवश्यक सुविधाएं भी नही हैं।
बादल ने कहा कि फसल में नमी की मात्रा जांचते समय किसानों से बेइंसाफी नही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नमी की मात्रा की आड़ में किसानों को लूटा नही जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर मंडियों में नमी जांचने वाली मशीन विश्वसनीय नहीं है। किसानों को परेशान किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के कोई आदेश नहीं दिए हैं। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को अगले दस दिनों के दौरान अनाज मंडियों में ज्यादा स्टाफ लगाने के लिए कहा है, क्योंकि मंडियों में फसल की आमद बढ़ जाएगी, जिसे खरीदने के लिए ज्यादा स्टाफ की जरूरत होगी। उन्होने कहा कि इस संबंधी चुनाव आयोग से जरूरी मंजूरी ले लेनी चाहिए ताकि किसानों को और परेशानी का सामना न करना पड़े।