नशे में डूबी पंजाब की जवानी धर्म मार्ग पर लौट आए.. एक पैर पर खडे़ हो संत ने की 41 दिन तपस्या
-बुधवार पंडित महिपाल वत्स के 41 दिन पूरे हो जाने पर सीता राम मदिंर में होगा पंच कुण्डी महायज्ञ
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)। पंजाब में इस समय सबसे बड़े नशे के मुद्दे को लेकर राजनेता और समाज सेवी ही चिंतित नहीं, बल्कि धर्म समाज से जुड़े संत भी परेशान हैं। जगरांव में सुभाष गेट के पास पड़ते सीता माता मंदिर में पंडित महिपाल वत्स इसी परेशानी के चलते 41 दिनों तक एक पैर पर खडे़ रहे। पंडित महिपाल वत्स ने पंजाब की नशे में डूब रही जवानी को वापिस धर्म मार्ग पर लाने के लिए 1 जून से एक पैर पर खडे़ होकर कठिन साधना शुरू की थी जो बुधवार को खत्म हो गई। कठिन साधना के समाप्ति पर बुधवार को सुबह आठ बजे से 11 बजे तक सीता माता मदिंर में पंच कुण्डी यज्ञ हुआ। जिसमें जगत गुरु पंचानंद गिरी जी महाराज के अलावा विभिन्न जगहों से संत समाज के सदस्य पहुंचे।
यज्ञ के बाद कठिन तपस्या की समाप्ति पर विशाल भंडारा भी लगाया गया। पंडित महिपाल वत्स नें बताया कि इस समय पंजाब का नौजवान धर्म मार्ग को छोड़ नशे के मार्ग पर चल चुका है जो चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि नशे की चिंता व जन कल्याण के लिए उन्होंने एक जून को एक पैर पर खडे़ होकर तपस्या शुरू की थी। पंडित महिपाल वत्स के मुताबिक जगत गुरु पंचानंद गिरी जी महाराज के आशीर्वाद से शुरू की गई कठिन तपस्या दौरान उन्होंने इस 41 दिनो में एक पैर पर खडे़ होकर 3.25 लाख बार गायत्री मंत्र,1.25 लाख बार महामृत्युंजय मंत्र और 1 लाख बार बीज मंत्र का पाठ किया है। पंडित महिपाल वत्स का दावा है कि इन्हीं मंत्रों को शहर की शुद्धि होती है और जागृत होते शहर में देवों का वास होता है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास ही नहीं बल्कि पूरा यकीन है कि उनकी इस कठिन तपस्या से पंजाब का नौजवान जरूर वापस धर्म के मार्ग पर लौटेगा।