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प्राइमरी स्कूल के नन्हें बच्चों को छत तक नहीं हो रही नसीब

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मंत्री को दिखाई प्राइमरी शिक्षा की बदहाली
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प्राइमरी स्कूल के नन्हें बच्चों को छत तक नहीं हो रही नसीब
कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने शिक्षा मंत्री ओपी सोनी को भेजी तस्वीरें
कांग्रेस नेता ने छात्रों की सुविधा के लिए स्कूल में लगवाए 4 पंखे
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। आसमान से आग बरस रही है। इस प्रचंड गर्मी में नन्हें बच्चों को कई सरकारी स्कूलों में छत तक नसीब नहीं है। छात्र कड़कती धूप में शिक्षा हासिल करने को विवश हो रहे हैं। ऐसे गंभीर व विकट हालात स्थानीय सरकारी गर्ल्स स्कूल में चल रहे दो सरकारी प्राइमरी स्कूलों के हैं।
गांव अकालगढ में सरकारी प्राइमरी स्कूल चल रहा था। वहां कि इमारत असुरक्षित घोषित होने के बाद उक्त स्कूल को स्थानीय गर्ल्स स्कूल परिसर में पिछले वर्ष एक जुलाई को शिफ्ट कर दिया गया। इस स्कूल में कोई सुविधा नहीं है। स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक के 92 छात्र हैं और मात्र एक कमरे में ही छात्रों को बैठाया किया गया है। कमरा छोटा होने के कारण कुछ छात्र बरामदे में बैठने को विवश हैं। छात्र, पेयजल व पंखे की सुविधाओं से महरूम हैं।
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इसी परिसर में अन्य सरकारी प्राइमरी स्कूल में भी सुविधाओं को भारी अभाव है। इस स्कूल में डेढ़ सौ छात्र हैं और मात्र एक स्थायी शिक्षक तैनात है। इस अलावा कमरों कमी के चलते छात्र बरामदे में बैठने को मजबूर होरहे हैं। स्कूलों की हालत की सूचना मिलते ही प्रदेश कांग्रेस के सचिव हरमन बाजवा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बाजार से छत के पंखे चार स्कूल में लगवाए। शिक्षकों व छात्रों से बातचीत करके शिक्षा मंत्री ओपी सोनी को मोबाइल से स्कूल के हालात बयां करती तस्वीरें भेजकर बातचीत की। शिक्षा मंत्री ने बाजवा को इन स्कूलों की पूरी रिपोर्ट भेजने संबंधी कहा। बाजवा ने ने बताया शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिया है कि दोनों स्कूलों के छात्रों को अगले एक या डेढ़ माह के भीतर तमाम सुविधाएं मुहैया करा दी जाएंगी। इस मौके पर मुनीष सोनी, संजय गोयल हाजिर थे।
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