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अमलोह में बरसाती पानी में डूबी आलू की फसल

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बरसाती पानी में डूबी आलू की फसल
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किसानों की मेहनत पर फिरा पानी, बागवानी विभाग ने दी सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
अमलोह/ मंडी गोबिंदगढ़। पिछले दिनों हुई बेमौसम की बरसात ने खेतों में खड़ी आलू फसल का नुकसान कर दिया है। किसान आलू की खुदाई शुरू करने लगे तो बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। कई खेतों में आलू की फसल में बरसाती पानी जमा होने से किसानों के चेहरे मुर्झा गए हैं।
वहीं कुछ किसानों ने इस बारिश को गेहूं के लिए फायदे की बारिश और सब्जियों व पशु चारे के लिए नुकसान होने का अंदेशा प्रकट किया है। इसके अलावा जिन किसानों ने बारिश से पहले अपने खेतों की सिंचाई की थी, उन खेतों में बारिश के पानी भर जाने से फसल का नुकसान हुआ है। पटियाला जिले के गांव कूकां के किसान दलबीर सिंह ने बताया कि उसने अमलोह में ठेके पर जमीन ली है। आलू की खुदवाई कुछ दिन पहले ही शुरू की गई थी और यह आलू वह पेप्सिको को सप्लाई करना था, जहां से उसे इसका नौ सौ रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलना था। आलू में बरसाती पानी जमा हो गया है। इससे आलू गलने की संभावना है। गांव बड़ैचा के किसान स्वर्ण सिंह के अनुसार उसने कुछ दिन पहले ही गेहूं की फसल को पानी लगाया गया था। बरसात का पानी भरने से खेत झील बन गया है। खेत से पानी निकालना मुश्किल है, क्योंकि साथ के सभी खेत पानी से भर गए। इससे गेहूं की फसल बरबाद हो सकती है। गांव हरीपुर के सब्जी उत्पादक अमृत सिंह ने बताया कि उन्होंने पच्चीस एकड़ में आलू खोद लिए गए थे और इन खेतों में जौ और प्याज लगाए थे, जो बरसात की भेंट चढ़ गए। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष बलवीर सिंह राजेवाल और बलदेव सिंह मीयांपुर ने मांग की है कि सरकार बारिश प्रभावित किसानों की फसल की विशेष गिरदावरी कराकर नुकसान की भरपाई करे।
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बागबानी विभाग ने किसानों को दी सलाह
बागबानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर स्वर्ण सिंह मान ने किसानों को सलाह दी कि आलू के जिन खेतों में ज्यादा पानी भरा है, वहां आलू के गलने की संभावना है। किसी भी तरीके से खेतों से पानी निकालना जरूरी है। यह भी बताया कि बीज वाले आलू. जिनकी बेल बड़ी हो गईं हैं, उनमें पानी जमा न होने दें।
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