वित्त मंत्री का फर्जी ओएसडी पकड़ा
लिखित माफी मांगने पर मनप्रीत बादल ने माफ कर दिया
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले की एक प्राइवेट बस कंपनी का कर्मी पिछले लंबे समय से नहरी विभाग के अधिकारियों को फोन कर अपने काम करवाने के आदेश देता रहा और अधिकारी भी आदेश मानते रहे। जब कांग्रेसी नेता ने असली ओएसडी से सिफारिश करने संबंधी पूछा तो पूरा भेद खुलकर सामने आ गया। रविवार को जब बठिंडा शहर में एक जगह वित्तमंत्री मनप्रीत बादल का कार्यक्रम था। वहां पर नकली ओएसडी को नहरी विभाग के अधिकारियों ने बुला लिया। भेद खुलता देख नकली ओएसडी ने मनप्रीत बादल व अधिकारियों से लिखित माफी मांग कर पीछा छुड़वाया।
जिले के गांव मछाणा का विश्वदीप सिंह का गांव के ही कुछ लोगों के साथ खेत में पानी लगाने संबंधी नहरी विभाग में केस चल रहा था । केस को अपने हक में करवाने के लिए विश्वदीप ने प्रदेश के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल के ओएसडी जसवीर सिंह ढिल्लों का नाम उपयोग कर नहरी विभाग के एस ई अशविन कांसल और एक्सईएन करतार चंद, डिप्टी कलेक्टर करनैल सिंह को फोन किया । दबाव में आकर अधिकारियों ने उसका काम भी कर दिया था।
दूसरा पक्ष कांग्रेस पार्टी से संबंधित था। इस पर वह कांग्रेसी नेता हरविंदर सिंह लाडी से मिलने पहुंच गया और असली ओएसडी की कांग्रेसी नेता से शिकायत की कि वो उनके खिलाफ नहरी विभाग के अधिकारियों को सिफारिश कर रहा है। इस पर लाडी ने ओएसडी जसवीर सिंह को फोन किया तो उन्होंनेे नहरी विभाग के किसी भी अधिकारी को उमामले में फोन करने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद कांग्रेसी नेता ने नहरी विभाग के कलेक्टर करनैल सिंह को बुलाया और नकली ओएसडी के बारे में जानकारी हासिल की । रविवार को जब बठिंडा शहर में मनप्रीत बादल का एक समागम था तो वहां पर नहरी विभाग के अधिकारियों ने नकली ओएसडी को भी फोन कर बुला लिया । समागम में पहुंचे नकली ओएसडी ने जब अपना भेद खुलता देखा तो मनप्रीत बादल व नहरी विभाग के अधिकारियों से लिखित माफी मांग कर आगे से ऐसा न करने की कसम खाई । मनप्रीत बादल ने भी उसे माफी कर दिया और आगे से ऐसा न करने संबंधी चेतावनी देकर छोड़ दिया ।