मौड़ मंडी ब्लास्ट केस में पुलिस ने मानी नाकामी
- एसएसपी सिंगला ने कहा, अभी तक एक ही थ्योरी पर काम कर रही पुलिस
- विधानसभा चुनाव से ऐन पहले हुई घटना में गई थी तीन बच्चों समेत छह की जान
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
विधानसभा चुनाव से चार दिन पहले मौड़ मंडी में हुए बम धमाके के मामले को जिले की पुलिस सुलझाने में अभी तक नाकाम रही है। घटना के छह माह बाद भी मामले में पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा है, जो धमाका करने वालों का खुलासा करने के लिए पर्याप्त माना जा सके। जिले के पुलिस अधिकारी हर बार केस के जल्द खुलासे के दावा करते आए हैं, पर दावे धरे के धरे रह गए हैं। पीड़ितों को इस बात का मलाल है कि पुलिस ने मामले का खुलासा करने में रुचि नहीं ली।
सोमवार को प्रेसवार्ता के दौरान बठिंडा के एसएसपी नवीन सिंगला से जब मौड़ मंडी ब्लास्ट के मामले में सवाल पूछे गए तो उन्होंने अब तक की पुलिस की नाकामी को स्वीकार किया। हालांकि उन्होंने इतना जरूर कहा कि धमाके की इस घटना के केस में पुलिस एक थ्योरी पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि ब्लास्ट के लिए उपयोग की गई कार के बारे में जानकारी जुटाने के लिए दिल्ली में भी पड़ताल की गई है।
गौरतलब है कि घटना के समय बठिंडा में मौजूद रहे एसएसपी स्वपन शर्मा भी उक्त मामले में पुलिस की नाकामी छिपाने के लिए लगातार मीडिया से यही कहते रहे कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। 31 जनवरी की शाम उस समय कांग्रेसी उम्मीदवार हरमंदर सिंह जस्सी की सभा के नजदीक धमाके की घटना हुई थी जब वह सभा समाप्त होने के बाद वापस लौट रहे थे। इस ब्लास्ट में तीन बच्चों समेत छह लोगों की जान चली गई थी ।