पंजाब के लुधियाना में एक निजी स्कूल में कार्यरत 12 शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया। इस बात का जब स्कूल के छात्रों व अभिभावकों को पता चला तो वे स्कूल पहुंच गए। इसके बाद वहां हंगामा हो गया। बवाल इतना बढ़ गया कि पुलिस को बुलाना पड़ा।
लुधियाना के दुगरी इलाके में स्थित एमजीएम स्कूल के बाहर सोमवार की सुबह उस समय हंगामा हो गया जब स्कूल प्रबंधकों की तरफ से बिना नोटिस दिए 12 अध्यापकों की नौकरी से छुट्टी कर दी। जब अध्यापक स्कूल आए तो उन्हें इस बात की जानकारी मिली। इसके बाद अध्यापक स्कूल के बाहर इकट्ठा हो गए और उनके साथ स्कूली बच्चे भी स्टैंड लेकर स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
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कुछ बच्चों ने आरोप लगाया कि उन्हें स्कूल में दाखिल ही नहीं होने दिया गया। इस दौरान बच्चों के परिवारिक सदस्यों ने स्कूल प्रबंधकों पर कई आरोप लगाए और साथ ही अध्यापकों का साथ देने की बात की। उधर, प्रबंधकों का आरोप है कि प्रदर्शनकारी टीचरों और लोगों ने उनके स्कूल में तोड़फोड़ भी की है, जिसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलने के बाद थाना दुगरी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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बच्चों की पढ़ाई को हो रहा नुकसान
एमजीएम स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर कनिका ने कहा कि स्कूल के प्रबंधकों ने 12 महिला अध्यापकों को बिना नोटिस दिए नौकरी से निकाल दिया है। अक्सर स्कूल प्रबंधक कुछ दिन अध्यापकों से काम करवाते हैं, फिर उसे बिना नोटिस पीरियड दिए काम से निकाल देते हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई का भी नुकसान होता है। वहीं, अध्यापकों की मानसिक हालत भी खराब होती है। अध्यापिका कनिका ने कहा कि छात्र और उनके परिजन भी गुस्से में हैं और स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर रहे हैं। बच्चों के फाइनल पेपर नजदीक हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन इस तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा। शिक्षा विभाग को मैनेजमेंट के खिलाफ एक्शन लेना चाहिए। शिक्षिका रुपिका ने कहा कि उन्होंने मार्च में डांस टीचर के पद पर नौकरी जॉइन की थी। सोमवार को बिना नोटिस दिए प्रबंधकों ने उन्हें काम से निकाल दिया। बच्चे भी अध्यापकों के हक में हैं। बच्चे चाहते हैं कि उनके टीचरों को स्कूल से न निकाला जाए।
छात्र बोले- एग्जाम आने वाले हैं
अमनजीत सिंह ने कहा कि वह 9वीं कक्षा का छात्र हैं। स्कूल प्रबंधकों ने बिना किसी बात के 12 टीचरों को स्कूल से निकाल दिया है। सेशन समाप्त होने वाला है। इसके बाद एग्जाम हैं। यदि टीचरों को वापस न लिया गया तो आने वाले दिनों में संघर्ष तेज किया जाएगा। स्कूल प्रबंधकों ने कुछ छात्रों को अंदर दाखिल नहीं होने दिया, जिस कारण स्कूल का गेट फांदकर अंदर घुसना पड़ा।
क्या कहते हैं स्कूल के डायरेक्टर
स्कूल के डायरेक्टर गजिंद्र सिंह थिंद ने कहा कि जिन अध्यापकों नौकरी से निकाला गया है वह परमानेंट नहीं बल्कि ट्रायल पर थे। उन्हें पहले ही कहा गया था कि अगर उनकी कार्यशैली सही होगी तो उन्हें कंटीन्यू किया जाएगा, लेकिन वह बच्चों को सही तरीके से पढ़ा नहीं पा रही थी। इस कारण बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही थी। इसलिए उन्हें जवाब दिया गया है। जहां तक बात छात्रों की है तो, छात्रों को बहला फुसलाकर इन अध्यापकों ने अपने साथ लगा लिया है। किसी छात्र को स्कूल के अंदर दाखिल होने से रोका नहीं गया। छात्रों के परिजन, अध्यापकों और कुछ बाहरी लोगों ने स्कूल में तोड़फोड़ की है। उधर, इस मामले में थाना दुगरी के एसएचओ सब इंस्पेक्टर नरपिंदर सिंह ने बताया कि उनके पास दोनों तरफ से कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।