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आशियाना बचाने के लिए लोगों ने शुरू की भूख हडताल

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भूख हड़ताल पर बैठे बरियाम सिंह की हालत बिगड़ी
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आशियाना बचाने के लिए लोगों ने शुरू की भूख हड़ताल
मौके पर पहुंची एंबुलेंस को लोगों ने वापस भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। धोबीआना बस्ती में पुडा की तरफ से गिराए जा रहे मकानों के विरोध में बस्ती के लोगों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ धरना लगाते हुए प्रदर्शन कर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पिछले पांच दिनों से भूख हडताल पर बैठे बस्ती निवासी बरियाम सिंह की बुधवार को अचानक हालत बिगड़ गई। जिस के बाद धरनास्थल पर लोगों का आक्रोश बढ गया और लोगों ने जमकर प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। सूचना मिलने पर पहुंचे बठिंडा के तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड़ ने धरना दे रहे लोगों से बातचीत की।
इस संबंध में बातचीत करते हुए अकाली पार्षद हरजिंदर सिंह छिंदा ने बताया कि विस चुनाव के समय मनप्रीत बादल ने धोबीआना बस्ती में रह रहे लोगों के साथ वादा किया था कि उनके मकानों को पक्के तौर पर नंबर लगाए जाएंगे और गली नालियां पक्की की जाएगी । लेकिन जीतने के बाद मनप्रीत के बादल के ही कुछ चहेते लोग उक्त निवासियों को उनके आशियाने प्रशासन की ओर से कभी भी ढाए जाने संबंधी कहने लगे। जिसके चलते लोगों में आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने अपने मकानों को पक्के तौर पर नंबर अलाट करवाने और गलियां नालियां बनवाने को लेकर धरना एवं भूख हड़ताल शुरू की है। पार्षद ने बताया कि वह राजनीति से ऊपर उठकर धरने एवं भूख हड़ताल की हमायत कर रहे है। जो लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं, उनमें से ज्यादा कांग्रेस पार्टी से ही संबंध रखते हैं। पार्षद ने कहा कि आज कांग्रेस के यह हालात हो गए हैं कि उनकी अपनी पार्टी के ही वर्कर अपनी मांगें पूरी कराने के लिए कांग्रेस सरकार के समय में ही धरना लगाने एवं भूख हड़ताल करने को मजबूर है।
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भूख हड़ताल पर बैठे बरियाम सिंह की जैसे ही हालत बिगड़ी तो धरनास्थल पर लोगों में आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। बरियाम सिंह को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाने पहुंची एंबुलेंस को लोगों ने वापस भेज दिया। मौके पर पहुंचे बठिंडा के तहसीलदार सुखबीर सिंह बराड़ ने लोगों को आश्वासन दिया कि उनको उठाया नहीं जाएगा, लेकिन लोगों ने तहसीलदार से मांग की कि उन्हें इस संबंध में लिखिते तौर पर दिया जाए ।
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