सता रही थी परेशानी, खत्म की जिंदगानी
कर्ज के बोझ तले दबे युवक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या
दो अलग-अलग जगहों पर युवकों ने फंदा लगाकर जान दी
अमर उजाला ब्यूरो
मुल्लापुर दाखा (लुधियाना)। परेशानियों के सताने पर पर तीन युवाओं ने अपनी जिंदगी की खत्म कर दी। अलग-अलग स्थानों पर तीन युवकों फंदा लगाकर मौत को गले लगा लिया। पुलिस पोस्टमार्टम कराने पर शव परिजनों को सौंप दिए हैं।
गांव हसनपुर के एक नौजवान ने कर्ज के बोझ तले परेशान होकर अपने घर में ही फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। थाना दाखा की पुलिस के पास दर्ज करवाए गए बयान के मुताबिक मृतक गुरजिंदर सिंह (30) के पिता मंजीत सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। उसका बेड़ा बेटा गुरजिंदर सिंह खेती के साथ ड्राइवरी भी करता है। कुछ दिन पहले उसके बेटे गुरजिंदर सिंह ने उसके सिर काफी कर्जा होने की बात बताई थी। उसके पास कर्जा वापस करने के लिए पैसे नहीं थे। इससे वह काफी परेशान था। मंजीत सिंह के अनुसार बीते दिन 12 बजे गुरजिंदर सिंह अपने कमरे में और दरवाजा बंद कर लिया। काफी समय तक दरवाजा न खुलने पर वह उसे बुलाने के लिए गए तो अंदर उसका शव लटक रहा था। जांच अधिकारी एएसआई हरपाल सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम करा शव वारिसों के हवाले कर दिया है।
इसी तरह गांव गुड़े के रहने वाले अमनदीप सिंह ने मानसिक रूप से परेशान होने के चलते फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। चाचा जसवंत सिंह के मुताबिक अमनदीप सिंह टैक्सी चलाता था और उसके बड़े भाई की करीब एक साल पहले मौत हो गई थी। इससे वह काफी परेशान रहता था। वीरवार की दोपहर एक बजे के करीब अमनदीप सिंह ने कमरे में चला गया। चार बजे उसकी पत्नी जसबीर कौर ने देखा तो उसका शव लटक रहा था। एएसआई हाकम सिंह ने पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों के हवाले कर दिया है।
गांव चौकीमान के रहने वाले हरमनप्रीत ने परेशानी के चलते वृक्ष के साथ फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। हरमन के पिता सुखविंदर सिंह के अनुसार वह परिवार सहित लंबे समय से अपनी बहन के पास रहते थे और बीती रात हरमनप्रीत उसके भांजे का बाइक लेकर गांव चौकीमान गया। जब वह देर रात घर नहीं पहुंचा तो वह उसकी तलाश के लिए निकल गए। जब वह शेखपुरा को जाने वाले कच्चे रास्ते में एक वृक्ष के पास पहुंचे तो हरमनप्रीत का शव लटक रहा था। बाइक पास में ही खड़ी। इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी।