अध्यापक दिवस पर लगाएंगे काले बिल्ले
एसएसए रमसा अध्यापक यूनियन ने किया एलान
कैप्टन सरकार पर लगाया अनदेखी करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। एसएसए रमसा अध्यापक यूनियन पंजाब के सूबा प्रधान दीदार सिंह मुदकी और सूबा जनरल सचिव हरजीत सिंह ने अध्यापक दिवस पर काले बिल्ले लगाकर सेवाएं देने का एलान किया है। यूनियन नेताओं ने कैप्टन सरकार पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
नेताओं ने कहा कि समूह एसएसए रमसा अध्यापक पिछले नौ सालों से अपनी सेवाएं बड़ी ही तनदेही से निभा रहे है। सरकार अध्यापकों की सेवाएं रेगुलर करने के बहाने तनख्वाह में 75 से 80 प्रतिशत कटौती करने का मन बनाई बैठी है। सरकार की ओर से तनख्वाह में कटौती करके अब 10300 पर रोजगार करने की ओर धकेला जा रहा है। यह कदम अध्यापकों को भारी मानसिक तथा आर्थिक तंगी का शिकार बना देगा। अध्यापक मौजूदा कांग्रेस सरकार से बेहद निराश हैं ,क्योंकि अध्यापकों की पोस्टों को खत्म करने के लिए गलत रेशनलाइजेशन नीति लागू करने जा रहा है, अध्यापकों की बदली के लिए भी कोई ठोस बदली की नीति भी अभी तक जारी नहीं की गई।
एसएसए रमसा अध्यापक अपना रोष प्रगट करने के लिए 5 सितंबर को काले बिल्ले लगा कर अपनी ड्यूटी निभाएंगे। नेताओं ने कहा कि जहां राष्ट्र के निर्माता को अध्यापक दिवस पर खुश होना चाहिए वहीं समूह अध्यापक पंजाब सरकार कीनीतियों के शिकार होने से अध्यापक दिवस पर भी अपना रोष प्रगट करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने पंजाब सरकार से समूह अध्यापकों को उनकी पूरी तनख्वाह समेत शिक्षा विभाग में ला कर रेगुलर करने, रुकी तनख्वाह को तुरंत जारी करने ौप बिना कारण सस्पैंड अध्यापकों को तुरंत बहाल करने की मांग की। नेताओं ने मांग पूरी न होने की सूरत में सरकार को तीखे संघर्ष की चेतावनी दी।