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बादल परिवार आर एस एस की कठपुतली -बरगाडी मोर्चा आगू

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‘जस्टिस रणजीत की डिग्री नहीं, सुखबीर बादल फर्जी’
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पूर्व डिप्टी सीएम पर बरसे बरगाड़ी मोर्चा के नेता
बादल परिवार को बताया आरएसएस की कठपुतली
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। सिख धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को लेकर जांच करने वाले जस्टिस रणजीत सिंह की डिग्री को अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर बादल की ओर से फर्जी बताने का मामला गरमाता जा रहा है। शुक्रवार को बठिंडा पहुंचे बरगाड़ी मोर्चा के जसकरण सिंह और गुरदीप सिंह बठिंडा ने कहा कि जस्टिस रणजीत सिंह फर्जी नहीं, बल्कि सुखबीर बादल फर्जी है। दोनों नेताओं ने बादल परिवार को आरएसएस की कठपुतली बताया।
उन्होंने कहा कि रणजीत सिंह तो पढ़ लिखकर जस्टिस बने थे। सुखबीर बादल लिफाफे से निकले हुए शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष हैं। दोनों नेताओं ने कहा कि बादल परिवार सूबे में अपनी सरकार के समय जो भी लागू किया, वह आरएसएस के कहने पर ही किया है। डेरा मुखी को बचाने के लिए ही अकाली दल ने बरगाड़ी कांड की जांच नहीं की और जब अब कांग्रेस सरकार ने जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन से बरगाड़ी कांड की जांच कर सच सिख धर्म के लोगों के सामने रखा तो उन पर सुखबीर बादल जैसे लोग सवाल खडे़ करने लगे हैं, जो बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन्होंने कहा कि डेरामुखी को बादल परिवार ने एक साजिश के तहत माफी दी थी, जिसका खुलासा पहले भी हो चुका है।
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हिम्मत सिंह के आरोपों संबंधी गुरदीप सिंह बठिंडा ने कहा कि हिम्मत सिंह बादलों के इशारे पर मुकर रहा है, क्योंकि खुद अपनी मर्जी से ही बरगाड़ी कांड की जांच कर रहे कमीशन के मुखी जस्टिस रणजीत सिंह के पास गया था और अपने बयान दर्ज कराए थे। बादलों के इशारे पर अपने बयान से मुकर कर उनका नाम ले रहा है कि वह उन्हें कांग्रेस सरकार के मंत्री सुखजिंदर रंधावा के पास लेकर गए थे। उन्होंने कहा कि यह बिलकुल झूठे आरोप हैं। गुरदीप बठिंडा ने कहा कि वह इस बाबत दरबार साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से अपील करते है कि वह हिम्मत सिंह और उन्हें अकाल तख्त पर तलब करें । दोनों सिख नेताओं ने कहा कि सिख कौम का जितना नुकसान बादल परिवार ने किया है, उतना किसी भी राज में नही हुआ। दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल आपस में मिले हुए हैं और दोनों ही बरगाड़ी कांड की जांच सीबीआई के हवाले कर पीडितों को इंसाफ नही देना चाहते हैं।
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