एक ही गली में तीस मकान, हर घर का सदस्य झुलसा
एसएमओ बोले-एक्सपर्ट डाक्टरों की टीम लगातार कर रही है काम
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
ग्यासपुरा स्थित सम्राट कालोनी की जिल गली नंबर दो में वीरवार को सुबह आग लगने के बाद सिलेंडर ब्लास्ट की घटना हुई है, वहां करीब तीस मकान बने हुए हैं। 15 फुट के करीब चौड़ी गली में करीब तीस मकान बने है। जहां पर उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग अलग शहरों से आए हुए प्रवासी लोग ही ज्यादातर रहते हैं। वह लोग काफी समय से वहां रह रहे हैं और अलग अलग संस्थानों में काम कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। जिस कारण सभी लोग आपस में एक दूसरे की मदद को भी तैयार रहते है। किसी को कोई दिक्कत होती है तो एक दूसरे की मदद को खड़े रहते है। वीरवार सुबह भी यहीं हुआ। आग लगने की सूचना मिलते ही सभी लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल आए। बच्चे से लेकर महिलाएं और बूढ़े भी एक दूसरे की मदद को पहुंच गए। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां नहीं आई तो लोग अपने घरों से बाल्टियां और अन्य बर्तन लेकर पहुंच गए। जिसको जहां से पानी मिल रहा था, वह आग पर डाल कर काबू पाने की कोशिश में लगे थे, लेकिन एक दम से सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। जो लोग अंदर थे वह सब सिलेंडर ब्लास्ट की चपेट में आ गए। तीस घरों में से हर घर का कोई न कोई व्यक्ति अंदर था और आग पर काबू पाने की कोशिश में था। ब्लास्ट के बाद एक दम से वहां अंधेरा छा गया। बाहर खड़े लोगों को पहले तो किसी को कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन जब तक आया सभी लोग घायल थे। एक दम से वहां भगदड़ मच गई। सभी लोग घायलों को घर से बाहर निकालना शुरू हो गए। हर कोई व्यक्ति वहां से गुजरने वाले वाहन या फिर अपने घरों से वाहन निकाल कर घायलों को अस्पताल पहुंचाने में लग गया। गली में बने तीस घरों में से हर घर का कोई न कोई व्यक्ति आग की चपेट में आने से झुलसा है। हर व्यक्ति का चेहरा परेशान था और हर कोई एक दूसरे की मदद को लगा हुआ था ताकि सबका इलाज सही समय पर हो सके।
एक्सपर्टस का मानना है कि जो कुछ लोग तो रिकवर कर जाते हैं, लेकिन पचास प्रतिशत से ऊपर झुलसे लोगों को काफी गंभीर माना जाता है। वीरवार को हुए हादसे में पचास प्रतिशत से ऊपर झुलसे हैं, उनकी हालत काफी गंभीर बनी है। डाक्टरों की टीमें लगातार उन पर फोकस बनाकर चल रही है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द रिकवर किया जा सके। इसके अलावा सेहत विभाग के अधिकारी भी इस पर नजर बनाएं हैं।
सभी को बचाने का कर रहे हैं प्रयास : एसएमओ डॉ. गीता
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. गीता ने बताया कि वीरवार ब्लास्ट हादसे में झुलसने के बाद लोगों को पहले सिविल अस्पताल ही लाया गया था। जिन लोगों की हालत ज्यादा खराब थी उन्हें सीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया गया था। कुछ लोग अभी भी सिविल अस्पताल में उपचाराधीन है। उन्होंने कहा कि डाक्टरों की टीम लगातार काम कर रही है। उनकी कोशिश है कि किसी भी व्यक्ति को कुछ न हो। हर व्यक्ति का पूरी तरह से इलाज किया जा रहा है ताकि वह जल्द से जल्द रिकवर हो सके। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है कि पचास प्रतिशत से ज्यादा झुलसे लोगों की हालत गंभीर है। व्यक्ति के चोट कहां है और कितनी है, वह कितनी गहराई तक झुलसा है। सब जांच किया जाता है। ऐसे मरीज भी हैं, जो काफी गंभीर हालत में होने के बाद भी जल्द रिकवर हो जाते हैं। अभी एक्सपर्ट डाक्टरों की टीमें इस पर काम कर रही हैं। सीएमसी अस्पताल के डाक्टरों की टीम मरीजों का इलाज कर रही है। वहीं सिविल अस्पताल के डाक्टरों की टीम भी इलाज में जुटी है। कोशिश है हर व्यक्ति को रिकवर कर लिया जाएगा।