पंजाब में नौ नगर निगमों और 118 नागरिक निकायों के चुनाव 20 फरवरी तक कराए जा सकते हैं। पंजाब निर्वाचन आयोग की तरफ से चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 13 फरवरी तक की तिथि निर्धारित कर राज्य सरकार को सूचित किया है। राज्य सरकार जल्दी ही निर्वाचन आयोग को चुनाव संबंधी सारिणी भेजेगी, जिसके बाद चुनाव की तिथियों का ऐलान होगा।
फिलहाल चुनाव की तारीखों का एलान नहीं हुआ है लेकिन राज्य के सियासी दलों ने जोड़-तोड़ और रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। सत्ताधारी कांग्रेस मौजूदा किसान आंदोलन के चलते जहां इसे बेहतरीन अवसर मान रही है, वहीं अकाली दल नाराज किसानों को मनाने के लिए पंथक और धार्मिक नेताओं का सहारा लेने के प्रयास में जुट गया है।
आम आदमी पार्टी भी किसान आंदोलन के सहारे गांव-गांव में अपना आधार तलाशने में जुट गई है, जबकि भाजपा के लिए यह समय बहुत खराब दौर के रूप में है, उसके नेताओं का गांवों में प्रवेश कर पाना भी मुश्किल हो चुका है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ का कहना है कि कांग्रेस चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और उम्मीदवारों के निर्धारण के लिए आवेदन मंगाए गए हैं। 12 जनवरी तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कुछ आरक्षित वार्डों को लेकर उठ रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि ऐसा हर बार चुनाव के दौरान होता है जब कई वार्ड आरक्षण के तहत बदल जाते हैं। दूसरी ओर, पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ने को लेकर अभी किसी भी पार्टी ने अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
आम आदमी पार्टी और अकाली दल ने भी अपने उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों ही दल राज्य सरकार को घेरने की चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं।