लोगों की आंखों का इलाज करतीं डॉ. बलजीत कौर।
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पंजाब सरकार की नई कैबिनेट में शामिल 47 वर्षीय डॉ. बलजीत कौर ने लगभग 18 वर्ष तक सरकारी डॉक्टर के तौर पर मरीजों को बेहतरीन सेवाएं दीं। बलजीत कौर बेशक पेशे से डॉक्टर हैं, मगर सियासत उनके खून में है। उनके पिता प्रो. साधू सिंह फरीदकोट के आम आदमी पार्टी के पूर्व सांसद रह चुके हैं। वे मलोट आरक्षित सीट से शिअद प्रत्याशी हरप्रीत सिंह को 40,261 मतों से हराकर विधायक बनीं। पहली बार ही विधायक बनने के बाद अब उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल होने का मान हासिल हुआ है। 18 वर्ष की सरकारी सर्विस के दौरान नेत्र विशेषज्ञ डॉ. बलजीत कौर ने लगभग दस वर्ष जिला मुक्तसर सिविल अस्पताल में सेवाएं दीं। यही कारण रहा है कि वे क्षेत्र के लोगों में काफी लोकप्रिय हैं।
17 हजार से अधिक लोगों की आंखों का कर चुकी हैं ऑपरेशन
डॉ. बलजीत कौर नौकरी के दौरान 17 हजार से अधिक लोगों की आंखों का सफल ऑपरेशन कर चुकी हैं। डॉ. बलजीत कौर ने पिछले वर्ष अगस्त में तीन माह के नोटिस पर स्वास्थ्य विभाग को अपना त्यागपत्र भेज दिया था। ये उनकी खासियत ही कहेंगे कि चुनाव प्रचार के दौरान भी वे प्रचार कम और लोगों की आंखों की जांच ही ज्यादा करती नजर आईं। मतदान संपन्न के बाद से ही वे शहर की एक विख्यात समाजसेवी संस्था के चेरिटेबल हॉस्पिटल में आकर फिर से मरीजों की आंखों के इलाज की सेवा में जुट गई थीं।
कोटकपूरा में एक्सईएन हैं पति
गौरतलब है कि डॉ. बलजीत कौर मूल रूप में फरीदकोट की रहने वाली हैं, मगर मुक्तसर सिविल अस्पताल में कार्यरत होने के चलते लंबे समय से मुक्तसर में ही रह रही थीं। उन्होंने विगत एक जनवरी को आम आदमी पार्टी का दामन थामा था। उनके पति दलजीत सिंह कोटकपूरा में एक्सईएन के पद पर तैनात हैं। उनकी दो बेटियां हैं जिनके नाम नवनीत कौर और रियादीप कौर हैं। आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार जताते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि उन्हें जो भी विभाग मिलेगा वे पूरी मेहनत और जिम्मेदारी के साथ पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करुंगी।