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ट्रैक्टर-ट्रालियां किसानों के दूसरा घर: डल्लेवाल बोले- शंभू बॉर्डर खुलते ही किसान करेंगे दिल्ली कूच

Mon, 12 Aug 2024 06:08 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पंजाब हरियाणा की सीमा पर शंभू बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों ने दिल्ली कूच की तैयारी कर ली है। किसानों ने साफ कह दिया है कि मांगें पूरी न होने तक वह दिल्ली जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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शंभू बॉर्डर पर किसान आंदोलन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट की ओर से करीब छह महीने से बंद पड़े शंभू बॉर्डर को आंशिक तौर पर खोलने के आदेश दिया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद से ही किसान जत्थेबंदियां सक्रिय हो गई हैं। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि किसान पहले से ही चाहते थे कि शंभू बॉर्डर खुले। रास्ता बंद होने से व्यापारियों व ट्रांसपोर्टरों को जहां करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा था, वहीं आम जनता को आने-जाने में परेशानी हो रही थी। 

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डल्लेवाल ने कहा कि अगर किसानों की मानी मांगें जल्द लागू न की, तो रास्ते खुलने पर किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ दिल्ली कूच करेंगे। 13 फरवरी को किसान अपने घरों से दिल्ली कूच के लिए निकले थे, लेकिन हरियाणा सरकार ने बैरिकेडिंग करके किसानों को शंभू व खन्नौरी बॉर्डर पर रोक दिया। 

डल्लेवाल ने कहा कि जत्थेबंदियों का रुख साफ है कि किसान हर हाल में ट्रैक्टर -ट्रालियों के साथ ही दिल्ली कूच करेंगे। ट्रैक्टर-ट्रालियां किसानों के लिए दूसरा घर है, जो उन्हें गर्मी, सर्दी व बारिश से बचाती हैं। इन्हीं ट्रैक्टर-ट्रालियों में किसान अपनी हर जरूरत का सामान जैसे राशन, गद्दे, चादरें, पंखे बगैरा लेकर चलते हैं। 
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डल्लेवाल ने कहा कि आरोप लगाए जाते हैं कि किसानों के ट्रैक्टर-ट्रालियों के साथ दिल्ली जाने से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ेगी। लेकिन वह पूछना चाहते हैं कि जब पंजाब के कोने-कोने से 13 फरवरी को बड़ी गिनती में किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों पर रवाना हुए थे, उस समय रास्ते में कोई दिक्कत नहीं हुई। ऐसे में हरियाणा सरकार की ओर से केंद्र की शह पर किसानों के खिलाफ गलत प्रचार किया जा रहा है। मांगों को लेकर दिल्ली में आंदोलन करना है, तो ट्रैक्टर-ट्रालियों के बगैर जाना संभव नहीं है।

मांगें पूरी होने पर वापसी
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बारे में डल्लेवाल ने कहा कि जत्थेबंदियां भी मानती हैं कि हाईवे पार्किंग के लिए नहीं हैं, लेकिन किसानों को मजबूरन यहां रुकना पड़ा है। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब वापसी मांगें पूरी होने पर ही होगी।

दिल्ली कूच के लिए किसान तैयार
उधर, सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के फैसले से बॉर्डरों पर किसान खासे उत्साहित हैं। सोमवार को बॉर्डरों पर किसानों की अच्छी-खासी गिनती देखी गई। किसान नेता रणजीत सिंह सवाजपुर ने कहा कि किसान पहले से तैयार बैठे हैं। बड़ी संख्या में किसान बॉर्डरों पर पहुंच रहे हैं। किसानों को जैसे ही इशारा मिलेगा वे आगे के लिए कूच करेंगे।
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15 अगस्त को निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च
उन्होंने कहा कि इससे पहले अगर केंद्र सरकार किसानों की मानी मांगें लागू कर देती है, तो ठीक है। 15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर भी बार्डरों पर तैयारी चल रही है। 15 अगस्त को दिन देश भर में किसान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। साथ ही नए बने कानूनों की कापियां भी फूंकी जाएंगी। 
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